search

टाइगर स्टेट में असुरक्षित बाघ... सालभर में 54 मौतों पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र-राज्य और NTCA से मांगा जवाब

deltin33 2026-1-20 20:29:30 views 1266
  

मप्र हाईकोर्ट (प्रतीकात्मक चित्र)



डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्यप्रदेश में वर्ष 2025 के दौरान 54 बाघों की मौत के दावे को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार, राज्य शासन और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को निर्धारित की गई है।
टाइगर स्टेट में बढ़ती मौतों पर सवाल

जनहित याचिका राजधानी भोपाल निवासी वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी और अलका सिंह ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में कुल 5,421 बाघ हैं, जिनमें से 3,167 भारत में पाए जाते हैं। इनमें से अकेले मध्यप्रदेश में 785 बाघ मौजूद हैं, जिसके चलते प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा मिला है।
प्रोजेक्ट टाइगर के बाद सबसे बड़ा आंकड़ा

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वर्ष 1973 में शुरू हुए प्रोजेक्ट टाइगर के बाद यह पहला अवसर है, जब किसी एक राज्य में एक ही वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में बाघों की मौतें दर्ज की गई हैं। याचिका में आशंका जताई गई कि इन मौतों के पीछे अवैध शिकार, करंट लगना, रेल हादसे और कुछ रहस्यमयी घटनाएं शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- भोपाल से खाड़ी देशों तक फैला गोमांस तस्करी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, समुद्री बंदरगाहों का इस्तेमाल कर बनाया \“सेफ कॉरिडोर\“
संरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल

मामले में अदालत ने संरक्षण तंत्र की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने संबंधित एजेंसियों से विस्तृत जवाब मांगा है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बाघों की मौत क्यों हुई और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
साल-दर-साल यूं बढ़ा मौतों का आंकड़ा

2021 : 34 मौतें
2022 : 43 मौत
2023 : 45 मौतें
2024 : 46 मौतें
2025 : 54 मौतें
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477847