खेतों में बंधे तार
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। बेसहारा पशुओं से फसल को बचाने के लिए खेतों में झटका वाला तार लगाया जा रहा हैं, लेकिन इस तार के झटके से बेसहारा पशुओं को कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। ऐसे में तमाम किसान शाम होते ही उसमे बिजली वाला करंट छोड़ देते हैं। जिस वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
प्रतिबंध के बाद भी ब्लेड वाले तार भी खेतों में लगने बंद नहीं हो रहे है। प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। यह लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही। कांट के हसनपुर रसकूपा गांव निवासी अंकित कश्यप की सोमवार रात इसी तरह करंट लगने से मृत्यु हो गई। अंकित खेत पर फसल की रखवाली करने गए थे।
उनके स्वजन का आरोप है कि पड़ोसी किसान के खेत में लगे झटका मशीन के तार में बिजजी का करंट छोड़ा गया था। तार छूने से उनकी जान चली गई। इसी तरह जिले में कई अन्य लोगों की भी जान जा चुकी है। मंगलवार को जब पड़ताल की गई तो कांट क्षेत्र के रावतपुर से अभायन जाने वाले चकरोड किनारे खेतों में गेहूं की फसल बचाने के लिए झटका मशीन व ब्लेड का तार कई जगह लगा मिला।
सगे भाइयों की जा चुकी जान
पांच जून को कांट क्षेत्र के बमरौली गांव निवासी धर्मवीर व उनके भाई सत्यवीर की भी खेत पर करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। दोनों झटका मशीन के तारों के पास पड़े मिले थे। स्वजन का आरोप था कि इन तारों में बिजली का करंट भी छोड़ा गया था।
इसके अलावा जलालाबाद क्षेत्र के चितरऊ गांव निवासी प्रदीप कुमार की पूजा सिटी कालोनी के सामने से आ रहे वाहन से टकराकर खेत में बंधे ब्लेड वाले तारों पर गिर जाने से मृत्यु हो गई थी। इससे पूर्व तीन मई को निगोही क्षेत्र के कुदिन्ना गांव निवासी रमनपाल की मृत्यु हो गई थी। वह घर से कुछ दूरी पर स्कूल वैन की टक्कर से रमनपाल ब्लेड वाले तारों पर गिर गए थे।
यह है गाइड लाइन
ब्लेड वाले तारों से पशु कट जाते हैं। जिस वजह से 21 सितंबर 2022 को अपर मुख्य सचिव ने शासनादेश जारी किया था। जिसके तहत ब्लेड वाले व कटीले तारों को पशुओं के प्रति क्रूरतापूर्ण वर्ताव का कारक मानते हुए पूरी तरह से प्रतिबंधित किया था लेकिन उस आदेश का जिले में पालन कराने की फुर्सत अधिकारियों को नहीं मिल पा रही है।
प्रतिबंधित तार लगाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी। इसको लेकर जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। किसानों को भी जागरूक किया जाएगा कि वह तारों में करंट न छोड़े।
- रजनीश मिश्रा, एडीएम प्रशासन
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