न्यालालय में दोषी की फोटो।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। बहुचर्चित जहरीली शराब कांड में एक और दोषी प्रमोद कुमार गुप्ता को 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। वह निर्माताओं से शराब लेकर ठेकेदारों को सप्लाई करता था। 2021 में जहरीली शराब पीने से 104 लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में 33 मुकदमा पंजीकृत हुए थे।
मंगलवार को एडीजे-14 अमित कुमार तिवारी की अदालत ने सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। तीन दोषियों को इस मामले में पूर्व में पांच-पांच साल की सजा सुनाई जा चुकी है।
दोषी प्रमोद शराब ठेकेदारों को करता था सप्लाई, मेथेनाल की थी मिलावट
अभियोजन अधिकारी रविकांत शर्मा और कुलदीप तोमर के अनुसार पांच जून 2021 को एसओ जवां चंचल सिरोही ने थाना क्वार्सी में प्रमोद गुप्ता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसमें बताया कि जवां क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुईं मौतों के बाद जवां के शराब माफिया मुनीश शर्मा को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि उसे यह मिलावटी शराब कुलदीप विहार महुआ खेड़ा निवासी प्रमोद गुप्ता लाकर देता है। इसके बाद क्वार्सी पुलिस की मदद से प्रमोद गुप्ता को क्वार्सी बाइपास महाराणा प्रताप गेट से दबोच लिया गया। उसके पास से 24 क्वार्टर देशी शराब गुड ईवनिंग ब्रांड बरामद हुई।
वर्ष 2021 में हुए इस कांड में गई थी 104 लोगों की जान, 87 लोग भेजे गए थे जेल
प्रमोद ने स्वीकारा कि जिले में घटित शराब कांड के बाद शुरू हुई पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह इस शराब को ठिकाने लगाने जा रहा था, तभी पकड़ा गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। बरामद शराब की आबकारी प्रयोगशाला मेरठ से जांच हुई। जिसमें मेथेनॉल मिलावट की पुष्टि हुई। जिसके सेवन से कोमा या मृत्यु तक होती है। इसी मामले में यह भी साबित हुआ कि प्रमोद जहरीली शराब बनाने वाले विपिन व शिवकुमार आदि से शराब खरीदकर जवां में मुनीश आदि को शराब बेचता था। उसी शराब से जवां में मृत्यु हुई थी।
विभिन्न थानों में 33 मुकदमे हुए थे पंजीकृत, पूर्व में तीन को हो चुकी है सजा
इसी मामले में चार्जशीट के आधार पर न्यायालय में ट्रायल हुआ। आरोपित के गैर हाजिर होने पर वारंट जारी किए गए। प्रमोद गुप्ता इस मामले में सोमवार को कोर्ट में खुद ही हाजिर हो गया। मंगलवार को शराब कांड के सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई कर रही अदालत ने अपमिश्रित शराब बेचने व धोखाधड़ी संबंधी धाराओं में प्रमोद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
लोधा क्षेत्र से शुरु हुआ था शराब पीने से मौतों का सिलसिला
लोधा क्षेत्र के गांव करसुआ में 28 मई 2021 को जहरीली शराब पीने से पहली मृत्यु हुई थी। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़ती चली गई थी। सभी ने गांव के ठेके से शराब खरीदी और सेवन किया था। पहले ही दिन पांच लोगों की जान गई थी। इसके बाद जिले के अन्य क्षेत्रों में भी मृत्यु होने लगी। खैर के गांव रायट, अंडला, जवां, हैबतपुर, फतेह नगरिया, नंदपुर पला में भी लोगों की शराब से मृत्यु हुईं। कई की आंखों की रोशनी तक चली गई।
10 दिन तक आती रहीं थी मौत की खबरें
यह सिलसिला सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहा। लोधा, पिसावा, टप्पल, खैर, गभाना, जवां के बाद शहर के क्वार्सी, गांधीपार्क क्षेत्रों में भी लोगों ने अपनों को खोया। लगातार 10 दिन तक जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों के मरने की खबरें आती रहीं। ठेकों पर शराब बिक्री भी बंद कराने के बाद भी नहीं थमा।
जिला प्रशासन ने 104 लोगों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। कई मृतकों का बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार करा दिया गया था। विभिन्न थानों में 33 मुकदमे पंजीकृत हुए। 87 लोगों को जेल भेजा गया, जिसमें से एक महिला की मृत्यु हो चुकी है।
सौ करोड़ से अधिक की हुई थी संपत्ति जब्त
पुलिस ने शराब कांड के आरोपितों पर हिस्ट्रीशीट खोली गई। गैंगस्टर, गैंग पंजीकृत की कार्रवाई की गई। कुल सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति भी जब्त की गई। गैंग लीडर जवां के ऋषि शर्मा व मुनीश शर्मा के खिलाफ जवां थाने में मुकदमा पंजीकृत हुए। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मुनीश के शराब के ठेके थे। मुनीश के बयान में यह आया था कि वह कुलदीप विहार कालोनी निवासी प्रमोद गुप्ता से शराब लेते थे।
जांच में यह भी पता चला कि प्रमोद जहरीली शराब बनाने वाले विपिन व शिवकुमार आदि से शराब खरीदकर जवां में मुनीश आदि को शराब बेचता था। उसी शराब से जवां में मृत्यु हुई थी। प्रमोद चेन सप्लायर था। जवां में पंजीकृत 10 लोगों की मौत के मुकदमे में यह शामिल था। शराब कांड में इससे पहले तीन को सजा सुनाई जा चुकी है। |
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