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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव पर संग्राम जारी है। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर संग्राम जारी है। 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में कई सवाल उठे हैं। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि नई पंचायतों का गठन होना है, जिसके लिए समय चाहिए।
इस पर राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने पूछा कि नई पंचायतों को बनाने के लिए तो काफी पैसा चाहिए तो क्या इसके लिए पैसे हैं? उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि पंचायतों और शहरी निकायों की सीमाओं में बदलाव को लेकर आदर्श चुनाव आचार संहिता की धारा 12.1 लगी हुई है।
विभाग अब पंचायतों और शहरी निकायों की सीमाओं में बदलाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगेगा और उसके आधार पर 50 नई पंचायतों का गठन करने की योजना है।
निर्वाचन आयोग ने दी डेडलाइन
आयोग ने उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया को 28 फरवरी से पूर्व पूरा करें। इस अधवि में ही आरक्षण रोस्टर जारी हो। हालांकि पंचायतों की सीमाओं में बदलाव होने की स्थिति में करीब 175 पंचायतों की मतदाता सूचियां प्रभावित होंगी और नए सिरे से मतदाता सूचियां बनानी होंगी।
ऐसे में 30 अप्रैल से पहले चुनाव संभव नहीं हो सकेंगे। शिमला को छोड़ शेष सात नगर निगमों सहित सभी पंचायतों और शहरी निकायों में चुनाव एक साथ होंगे।
तीनों प्रमुख अधिकारी नहीं पहुंचे बैठक में
पौने घंटे तक चली बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता और अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, राजस्व व आपदा प्रबंधन केके पंत के दिल्ली में आइएएस, आइपीएस और आइएफएस के लिए इंडक्शन मीटिंग में होने और पंचायत सचिव सीपाल रासु के अवकाश पर होने के कारण तीनों प्रमुख अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हो सके।
सरकार के पास 32 पंचायतों का बनाने का पहुंच चुका है प्रस्ताव 18 और बनेंगी
पंचायती राज विभाग के पास 817 नई पंचायतों के गठन के प्रस्ताव आए थे। सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले पंचायतों में नए पंचायतों को बनाने को कहा और नई पंचायतों को बनने पर 1500-1500 की जनसंख्या का होना आवश्यक है। जिसके आधार पर सरकार के पास 32 पंचायतों का प्रस्ताव पहुंचा हुआ है। इसमें कांगड़ा में 12, मंडी में 04, बिलासपुर, चंबा, सोलन व ऊना में 3-3, सिरमौर में दो, हमीरपुर व शिमला 1-1 नई पंचायत बनाई जा रही। इसके अलावा 18 और नई पंचायतें बनाने की योजना। प्रदेश में वर्तमान में 3577 पंचायतें हैं।
नई पंचायत के बनने पर 1.20 करोड़ का खर्च
नई पंचायत के बनने पर 1.20 करोड़ का खर्च आता है। जिसमें पंचायत घर बनाने से लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को मिलने वाले मानदेय के अलावा कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य खर्च शामिल हैं।
आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूचियों के अधिसूचित होने पर घोषित होंगे पंचायत चुनाव
पंचायतों और शहरी निकायों के चुनाव की घोषणा और शेड्यूल तभी जारी हो सकेगा जब आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूचियों को अधिसूचित कर दिया जाए। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार करवाई गई मतदाता सूचियों के तहत 3548 पंचायतों में पहले ही मतदाता सूचियां तैयार कर ली गई थी। इन्हें जिला उपायुक्तों ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अधिसूचित नहीं किया था।
प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। इसमें न्यायालय के आदेशों और 30 अप्रैल से पूर्व चुनाव करवाने के बारे में अवगत करवाया गया है। पंचायतों की सीमाओं में बदलाव को कह रहे हैं। 28 फरवरी तक सारी प्रक्रिया को पूरा करने को कहा है। आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूचियों को अधिसूचित करने के संबंध में बात की गई है। बजट के पारित होने के बाद ही चुनाव होंगे, उससे पूर्व आदर्श चुनाव आचार संहिता नहीं लगेगी।
-अनिल खाची, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग।
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