राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया।
संवाद सूत्र, बलुवाकोट (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड की धारचूला तहसील के बलुवाकोट ग्राम पंचायत के रौंझाड़ गांव में आपदा प्रबंधन का अनूठा मामला सामने आया है। इस गांव के अति दुर्गम और 20 मीटर से अधिक ऊंची चट्टान पर तीन दिनों से छह बकरियां फंसी रही। यह विषम स्थिति यहां ग्रामीणों के लिए गंभीर चुनौती बनी रही।
चरवाहे गोपाल दत्त भट्ट की बकरियां पंथागांव के निकट चरते-चरते उस खतरनाक चट्टान पर चढ़ गईं, जहां से उनका उतर पाना असंभव हो गया। नीचे से उनकी मिमियाहट सुनकर बकरी पालक और ग्रामीण लगातार उन्हें बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन अति दुर्गम चट्टान होने की वजह से सभी प्रयास विफल साबित हुए।
ऐसे में पहली बार बकारियों को बचाने के लिए राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया। जहां तीन बकारियों को बचा लिया गया, लेकिन दो गिरकर मर गई और एक लापता है।
यह भी पढ़ें- पिथौरागढ़ में आंगन में खेल रहे 10 साल के बच्चे पर गुलदार ने किया हमला, गांव वालों की बहादुरी से बची जान
यह भी पढ़ें- पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में हादसा, कार खाई में गिरी; दो की मौत |