डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर शहर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के सेवन 25वीं मौत हुई। मंगलवार देर रात 51 वर्षीय हेमंत गायकवाड का अरविंदो हास्पिटल में निधन हो गया। वह 22 दिसंबर को दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़े थे। उल्टी-दस्त से हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हेमंत पहले से ही कैंसर और किडनी की बीमारी से पीड़ित थे। प्रशासन भी यह मानने को तैयार नहीं कि उनकी मौत का कारण दूषित पेयजल बना। प्रशासन ने कैंसर से मौत होने की बात कही है।
चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
हेमंत के परिवार में चार अविवाहित बेटियां रिया (21), जिया (20), खुशबू (16) और मनाली (12) हैं। वह ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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तीन मरीज वेंटिलेटर पर
उल्लेखनीय है कि भागीरथपुरा में दूषित जल से पहली मौत 21 दिसंबर को हुई थी। फिलहाल 14 मरीज अभी भी इलाजरत हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है और वे वेंटिलेटर पर हैं।
हाई कोर्ट ने दिए यह निर्देश
इधर, मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में मंगलवार को पांच जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति वीके शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे बुधवार को जारी कर दिया गया।
- कोर्ट ने कलेक्टर और निगमायुक्त को निर्देश दिए हैं कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने से संबंधित संपूर्ण रिकॉर्ड, टेंडर प्रक्रिया और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट सुरक्षित रखी जाए।
- इन दस्तावेजों में किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
- याचिकाकर्ताओं की ओर से दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका जताई गई थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से यह भी कहा है कि यदि नगर निगम और शासन द्वारा 20 जनवरी को प्रस्तुत रिपोर्ट पर उन्हें कोई आपत्ति है, तो उसे प्रस्तुत करें।
- साथ ही कोर्ट ने कलेक्टर के साथ गठित की जाने वाली स्वतंत्र निगरानी कमेटी के लिए याचिकाकर्ताओं से नाम सुझाने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी।
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