तेल से भरे बड़े-बड़े टैंकर रूस से चलकर पहुंचेंगे जामनगर, मुकेश अंबानी की रिलायंस ने कर दिया ये बड़ा इशारा!
नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड लगभग 30 दिनों के बाद एक फिर से रूस से कच्चे तेल की खरीदारी शुरू करने जा रही है। मामले से जुड़े चार सूत्रों ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स को चलाने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance to Resume Buy Russian oil) एक महीने के ब्रेक के बाद फरवरी और मार्च में प्रतिबंधों के मुताबिक रूसी तेल लेने वाली है।
इस पर न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने खबर छापी और बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक महीने के छोटे से ब्रेक के बाद फरवरी और मार्च में रूसी तेल का इंपोर्ट फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है जब मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के नेतृत्व वाली कंपनी इस अस्थायी रोक के बाद रूस से तेल की खरीद फिर से शुरू करने की सोच रही है।
दिसंबर में आया था आखिरी बार रूसी तेल
रिलायंस को आखिरी बार दिसंबर में रूसी क्रूड ऑयल मिला था, जब उसे एक महीने की U.S. रियायत मिली थी, जिससे उसे 21 नवंबर की डेडलाइन के बाद बैन रूसी तेल प्रोड्यूसर रोसनेफ्ट के साथ डील कम करने की इजाजत मिली थी।
दूसरे भारतीय रिफाइनरी की तरह, रिलायंस भी उन सेलर्स से रूसी तेल खरीदेगा जिन पर बैन नहीं है, सूत्रों ने कहा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि रिफाइनरी ने फरवरी और मार्च के कितने कार्गो बुक किए हैं।
अब एक बार फिर से रूस से बड़े-बड़े टैंक चलकर भारत के जामनगर पहुंचेंगे। इन टैंकरों में रूसी कच्चा तेल होगा। इस तेल को रिफाइन करके रिलायंस इससे पेट्रोल-डीजल बनाकर पूरी दुनिया में बेचेगी।
रूसी तेल इंपोर्ट्स की फिर से शुरुआत कंपनी की उस स्ट्रैटेजी को दिखाती है जिसके तहत वह इंटरनेशनल प्रतिबंधों का पालन करते हुए सप्लाई के अलग-अलग सोर्स बनाए रखना चाहती है। यह छोटा सा ब्रेक और उसके बाद फिर से शुरू होना, कंपनी के उस सावधानी भरे रवैये को दिखाता है जिससे वह ग्लोबल तेल व्यापार को प्रभावित करने वाले जटिल जियोपॉलिटिकल माहौल से निपट रही है।
EU ने कहा था कि इस तरह का तेल नहीं खरीदेगा
रिलायंस गुजरात में अपने 1.4 मिलियन bpd जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के लिए रोसनेफ्ट के साथ एक लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट के तहत रोजाना 500,000 बैरल (bpd) रूसी कच्चा तेल इंपोर्ट कर रहा था।
यूरोपियन यूनियन ने कहा है कि 21 जनवरी से वह उन रिफाइनरियों में बने फ्यूल को नहीं लेगा, जिन्होंने बिल-ऑफ-लेडिंग तारीख से 60 दिन पहले रूसी तेल लिया या प्रोसेस किया था।
मुकेश अंबानी की रिलायंस (Mukesh Ambani Reliance) ने कहा है कि वह 20 नवंबर के बाद आए कार्गो को अपने भारत-केंद्रित 660,000 बैरल प्रतिदिन वाले प्लांट में प्रोसेस करेगा, जिससे वह अपनी 704,000 bpd एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड रिफाइनरी से EU को फ्यूल बेचना जारी रख सकेगा।
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