पश्चिम चंपारण के बगहा में सुबह साढ़े आठ बजे का मौसम । जागरण
संवाद सूत्र, बगहा (पश्चिम चंपारण) । पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (VTR) में इन दिनों मौसम बिल्कुल पहाड़ी इलाकों जैसा हो गया है। सुबह की शुरुआत बेहद सुहावनी होती है। साफ आसमान, हल्की धूप और सुनहरी किरणें लोगों को अपनी ओर खींचती नज़र आती हैं।
वातावरण में ऐसी ताज़गी होती है कि लोग खुद को ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करने लगते हैं। लेकिन यह सुकून ज्यादा देर तक नहीं टिकता। अचानक घना कुहासा छा जाता है और देखते ही देखते चारों ओर अंधेरा सा महसूस होने लगता है। तेज ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट आ जाती है, जिससे ठिठुरन बढ़ जाती है।
यहां सर्दियों की गुलाबी ठंड, दिन में हल्की धूप और रातों की ठंडक मिलकर एक अलग ही एहसास पैदा करती है। यही वजह है कि वीटीआर पर्यटन के लिए आदर्श माना जाता है।
कभी-कभी यहां से हिमालय की खूबसूरत झलक भी दिखाई देती है, जिसके कारण स्थानीय लोग इसे प्यार से ‘बिहार का कश्मीर’ कहते हैं। जहां एक ओर बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ होता जा रहा है, वहीं पश्चिम चंपारण के बगहा जैसे जंगली इलाकों में दिन के समय भी कोहरे की चादर तनी रहती है, जो इस इलाके को और रहस्यमय व आकर्षक बना देती है।
करीब दो घंटे बाद मिली ठंड से राहत
गुरुवार सुबह अन्य दिनों की भांति अच्छी सुबह के साथ धूप भी निकली। किरणों लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी और लोग खुद को ऊर्जान्वित महसूस कर ही रहे थे कि एकाएक घना कुहासा छाने लगा और देखते ही देखते हर और अंधेरा के साथ तेज ठंडी महसूस होने लगी। कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही ठंड व कुहासा ने पूरी प्रकृति को अपने आगोश में समेट लिया।
लोग काम धंधा छोड़कर आग व अलावा जलाने में जुट गए। करीब साढ़े 10 के बाद पुनः धूप निकली तो लोगों की जान में जान आई। बगहा सहित आसपास के मौसम को लेकर मौसम विभाग का मानना है कि आसमान साफ व मौसम शुष्क रहेगा। लेकिन इस पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार के सुबह का मौसम एकदम उल्टा हो गया।
हालांकि करीब दो घंटे बाद पुनः स्थिति सामान्य हो गई लेकिन उतने देर के लिए ही सभी लोग ख़ासकर नगर वासी पिछले ठंड को याद कर भयभीत हो चुके थे। पुनः दिन भर मौसम साफ व शुष्क हो गया धूप भी अपनी तेजी का असर लोगों को दिखाने में जुटा रहा। |
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