जागरण संवाददाता, लखनऊ। शहर में साइबर ठगी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग इलाकों में चार लोगों से 1.11 करोड़ रुपये ठग लिए। जालसाजों ने किसी को पार्ट टाइम नौकरी का झांसा दिया तो किसी को शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे की बात कही। पीड़ितों ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पीलीभीत निवासी रक्तिमा राजाजीपुरम के ई-ब्लाक में रहती हैं। रक्तिमा के अनुसार, उनके मोबाइल पर दिशा वर्मा के नाम से एक मैसेज आया और आनलाइन नौकरी करने की बात कही गई। लिंक भेजकर उनकी एक आइडी बनवाई गई फिर रिव्यू देने के नाम पर उनके खाते में 937 रुपये भेजे गए।
जालसाजों ने कुछ समय बाद पेड टास्क बताकर उनके खाते से कई बार में 24.96 लाख रुपये ले लिए। कृष्णानगर के भगवती विहार निवासी बुजुर्ग रमेश चंद्र को जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा।
फिर मुनाफे का लालच देकर उनसे 10 हजार रुपये निवेश कराए। उन्हें एक हजार का मुनाफा दिया गया लेकिन 25 दिन में उनके खाते से 17.60 लाख रुपये कट गए। इसी तरह तालकटोरा के राजाजीपुरम ए-ब्लाक निवासी शरद मिश्रा से भी जालसाजों ने आनलाइन नौकरी का झांसा देकर 11.77 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया ही।
ठाकुरगंज के अहमदगंज निवासी मोहम्मद इमरान शेयर ट्रेडिंग करते हैं। उनके पास 14 जनवरी को एक काल आई। जालसाज ने खुद को ग्रो एप कंपनी का प्रतिनिधि बताकर खाते में तकनीकी दिक्कत होने की बात कही। सेटिंग ठीक करने का झांसा देकर उनके खाते से 57 लाख रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने ठाकुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। |
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