जागरण संवाददाता, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में गुरुवार को सुरक्षाबलों ने माओवादी उन्मूलन अभियान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की। पुलिस महानिदेशक झारखंड और सीआरपीएफ महानिदेशक के संयुक्त नेतृत्व में चल रहे विशेष अभियान ‘मेगाबुरु’ के तहत किरीबुरु थाना क्षेत्र के कुम्डीह में हुई भीषण मुठभेड़ में कुख्यात शीर्ष माओवादी नेता अनल दा उर्फ पतिराम मांझी समेत कुल 15 माओवादी मारे गए।
अनल पर झारखंड में 1 करोड़, ओडिशा में 1.20 करोड़ और एनआईए की ओर से 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई सारंडा–कोल्हान बेल्ट में माओवादियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है।
गुरुवार सुबह करीब 6.30 बजे सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम कोबरा 209 बटालियन, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर सारंडा जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान अनल के सशस्त्र दस्ते ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में कई बार मुठभेड़ हुई, जो घंटों तक चली। घटनास्थल से 15 नक्सलियों के शव, अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में मारे गए 15 माओवादियों में से 11 की पहचान कर ली गई है।
इनमें भाकपा (माओवादी) का सेंट्रल कमेटी मेंबर अनल दा के अलावा अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अयदा, बबीता, पूर्णिमा, सुरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इन सभी पर झारखंड, ओडिशा और केंद्रीय एजेंसियों के दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। कई नक्सली लंबे समय से मोस्ट वांटेड सूची में शामिल थे और इलाके में हिंसक वारदातों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे थे।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, अनल दा 1987 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था और माओवादी संगठन का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था। वर्ष 2022 से अब तक सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में हुए आईईडी ब्लास्ट, सुरक्षाबलों पर हमले और लूटपाट की घटनाओं में उसकी सीधी संलिप्तता रही है। उसके खात्मे से माओवादी संगठन की रणनीतिक क्षमता को गहरा झटका लगा है और सारंडा–गिरिडीह बेल्ट में उनका नेटवर्क बुरी तरह कमजोर हुआ है।
मुठभेड़ के बाद पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर नक्सलियों के भागने के संभावित रास्तों को सील किया गया है। फिलहाल जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि किसी भी नक्सली को निकलने का मौका न मिले। झारखंड पुलिस ने शेष बचे माओवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है। आज 15 माओवादी मारे गए हैं। सारंडा में माओवादियों से निर्णायक लड़ाई चल रही थी। इस ऑपरेशन के बाद झारखंड में बड़े कद के माओवादी न के बराबर बचे हैं।
सारंडा के जंगल से \“ऑपरेशन मेगाबुरु\“ की लाइव तस्वीर: अनल दा उर्फ तुफान मारा गया।
हत्या, ब्लास्ट जैसे कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे
अनल उर्फ तुफान, उर्फ पतिराम मांझी, उर्फ पतिराम मराण्डी, उर्फ रमेश, पिता टोटो मराण्डी उर्फ तारू मांझी, निवासी ग्राम झरहाबाले, थाना पीरटांड, जिला गिरिडीह, लंबे समय से सारंडा और गिरिडीह के जंगलों में सक्रिय था। उसके ऊपर हत्या, ब्लास्ट, हथियार और लूट जैसे कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे।
अनल न केवल माओवादी गतिविधियों में शामिल था, बल्कि कई बार पुलिस और सीआरपीएफ के ऑपरेशनों से भी बच निकलने में कामयाब रहा। उसकी रणनीति और सक्रियता के कारण उसे राज्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता था।
स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार, सारंडा जंगल में माओवादी गतिविधियां लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। अनल के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और आसपास के गांवों में पेट्रोलिंग और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
इस मुठभेड़ को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि अनल लंबे समय से मोस्ट वांटेड था और उसके नेटवर्क के कई अन्य माओवादी अभी भी सक्रिय बताए जाते हैं। 15 के मारे जाने की पुष्टी हुई है। झारखंड में यह अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन हो गया है। इतनी संख्या में माओवादी कभी इस राज्य में नहीं मारे गए थे।
इससे पहले सफलता
- एक करोड़ का इनामी माओवादियों का पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस सरायकेला-खरसावां में पकड़ा गया था।
- एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य माओवादी सुधाकर झारखंड से फरार होकर तेलंगाना सरकार के सामने सरेंडर किया था।
- अप्रैल 2025 में एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में मारा गया था।
- हजारीबाग में एक करोड़ का इनामी माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य अनुज उर्फ सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश उर्फ अमलेश गत वर्ष सितंबर महीने में मुठभेड़ में मारा गया था।
- आज सारंडा में एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी मुठभेड़ में मारा गया है।
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