वीडियो में छेड़छाड़ कर पंजाब में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा पर हुई एफआईआर का मुद्दा लगातार गर्माया हुआ है। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा दिए गए बयान के वीडियो में छेड़छाड़ कर पंजाब में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा पर हुई एफआईआर का मुद्दा लगातार गर्माया हुआ है। दिल्ली विधानसभा ने अब पंजाब के महानिदेशक को फिर से नाेटिस भेज कर मंत्री पर की गई एफआइआर के मामले में फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट सहित इस मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसके लिए 28 जनवरी तक का समय दिया है।
दिल्ली विधानसभा की ओर से जारी स्मरण पत्र में जालंधर में दर्ज एफआइआर से संबंधित लंबित फोरेंसिक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मांगे गए दस्तावेज़ों में पुलिस से एफआइआर के लिए दिया गया पत्र और फोरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं, जिन्हें उपलब्ध कराने के लिए पहले 16 जनवरी को पत्र जारी कर 22 जनवरी तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
विधानसभा सचिवालय ने जारी किए पत्र में उल्लेख किया कि पूर्व निर्धारित समयसीमा के बावजूद अब तक आवश्यक सूचना एवं पूर्ण अभिलेख प्राप्त नहीं हुए हैं। इसलिए फिर से स्मरणपत्र भेजा जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने कहा कि तथ्यों को स्पष्ट रूप से स्थापित करने तथा संस्थागत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फोरेंसिक अभिलेख अत्यंत आवश्यक हैं।
बता दें कि इससे पहले बृहस्पतिवार को पंजाब सरकार की ओर से दिल्ली विधानसभा को पत्र मिला था जिसमें दिल्ली विधानसभा के लिए कोई भी पत्राचार पंजाब सरकार के माध्यम से किए जाने की भी बात कही गई थी।
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