जागरण संवाददाता, गोरखपुर। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) लखनऊ की टीम ने निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में वांछित अभियुक्त शैलेश कुमार उपाध्याय को गुरुवार की दोपहर गोरखपुर से गिरफ्तार किया।
आरोपित पियर्स एलिड कारपोरेशन लिमिटेड का निदेशक था, जिस पर फर्जी योजनाओं के जरिए करीब 14 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। मुकदमे में आरोपित बनाए गए आठ अन्य आरोपितों की तलाश चल रही है।
जांच में सामने आया है कि पियर्स एलिड कारपोरेशन लिमिटेड (आरओसी दिल्ली एवं हरियाणा में पंजीकृत) के सीएमडी दुर्गा प्रसाद दूबे, अन्य निदेशकों ने आरबीआइ में पंजीकरण कराए ही बिजनौर समेत प्रदेश के कई जिलों में कंपनी की शाखाएं खोल दी थीं।
इसके बाद निवेशकों को कम समय में धन दोगुणा करने का लालच देकर आरडी और एफडी जैसी योजनाओं में निवेश कराया गया। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने निवेशकों को कूटरचित बांड और रसीदें थमाईं और कपटपूर्ण तरीके से उनका मूलधन ले लिया।
जब निवेशकों ने रकम वापस मांगी तो कंपनी की शाखाएं बंद कर आरोपित फरार हो गए। अकेले बिजनौर जनपद में ही करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है।
इस मामले में लखनऊ के आलमबाग थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। प्रारंभिक विवेचना जनपद स्तर पर होने के बाद शासन के आदेश पर जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई। विवेचना में कुल 13 अभियुक्त दोषी पाए गए।
गिरफ्तार किया गया शैलेश कुमार उपाध्याय मूल रूप से झंगहा के रौनापार गांव का रहने वाला है और कानपुर के कर्नलगंज स्थित बेनाझाबर स्थित न्यू ईदगाह कॉलोनी में भी उसका घर है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस प्रकरण में अभी आठ अन्य अभियुक्त फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। |
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