रांची में राशन कार्ड का स्टेटस। फाइल फोटो
अनुज तिवारी, रांची। रांची जिले में बीते छह महीनों के दौरान राशन कार्ड में नाम जोड़ने को लेकर अधिक संख्या में आवेदन आ रहे हैं। आठ अगस्त, 2025 से 21 जनवरी, 2026 के बीच जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 39,346 नए लाभुकों के नाम प्रायोरिटी हाउस होल्ड (पीएचएच- गुलाबी कार्ड), अंत्योदय अन्न योजना (एएवाइ-पीला कार्ड) और ग्रीन राशन कार्ड में जोड़े गए हैं।
इसके बावजूद राशन कार्ड में नाम जुड़वाने वालों की कतार अब भी लंबी बनी हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, रांची से सिर्फ 30,290 लाभुकों के नाम पहले ही स्वीकृत कर पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भेजे जा चुके हैं, लेकिन सीमित वेकैसी होने के कारण अब तक उनका नाम नहीं जुड़ पाया है।
जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी राम गोलाल पांडेय ने बताया कि नाम जोड़ने के लिए करीब 90 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। जितनी जगह उपलब्ध होती है, उतने ही नए लाभुकों को कार्ड की सूची में शामिल किया जा सकता है।
विभाग ने व्यापक जांच के बाद लगभग 30 हजार अपात्र लाभुकों (जिनका निधन हो चुका था या जो मानदंडों पर खरे नहीं उतरते थे) के नाम राशन कार्ड से हटाए। इसके बाद नए लाभुकों के नाम जोड़े जा सके।
शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक नाम जुड़े
इस अवधि में पीएचएच के 32,739, एएवाइ के 6,568 और ग्रीन राशन कार्ड के 39 नए लाभुक जुड़े। शहरी क्षेत्र में रांची नगर निगम सबसे आगे रहा, जहां अकेले 14,260 लाभुकों के नाम जोड़े गए। नामकुम (2,548), चान्हो (2,371), तमाड़ (2,356), सिल्ली (2,422) और अनगड़ा (2,235) में भी बड़ी संख्या में नए नाम जुड़े हैं।
आवेदन जमा कर विभाग के चक्कर लगा रहे लाभुक
राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ने से परेशान लोग लगातार जिला खाद्य आपूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। विभाग उन्हें फिलहाल इंतजार करने की सलाह दे रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि नाम जोड़ने के आवेदन अभी भी लिए जा रहे हैं और प्रक्रिया निरंतर जारी है। आवेदकों ने बताया कि वे पिछले आठ माह से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता है।
जैसे-जैसे अपात्र लाभुकों के नाम हटते जाएंगे, वैसे-वैसे प्रतीक्षा सूची में शामिल आवेदकों के नाम राशन कार्ड में जोड़े जाएंगे। जिन लाभुकों के नाम स्वीकृत होकर विभागीय पोर्टल पर दर्ज हो चुके हैं, उनका नाम जुड़ना तय है। इसमें कुछ समय लग सकता है। -राम गोलाल पांडेय, जित्ना खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी। |