सड़क दुर्घटनाओं में 202 लोगों की जान। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले में सड़क हादसे लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आए दिन हो रहे हादसों में लोगों की जान जा रही है। बीते जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच जिले में विभिन्न दुर्घटनाओं में कुल 202 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, इन हादसों में एक सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में कराया गया। बीते वर्ष 2025 में यातायात थाना में कुल 194 प्राथमिकी कराई गई है। जिसमें 202 लोगों की मौत की पुष्टि हो रही है।
आंकड़ों के अनुसार जिले के कुचायकोट, मांझा, बैकुंठपुर, थावे, महम्मदपुर, नगर थाना व सिधवलिया थाना क्षेत्र हादसों के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील रहे हैं। इन इलाकों में तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, यातायात नियमों की अनदेखी और खराब सड़क व्यवस्था हादसों की प्रमुख वजह मानी जा रही है।
कई मामलों में हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करना भी जानलेवा साबित हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय व राज्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में संकरी सड़कों व स्ट्रीट लाइट की कमी भी हादसों को बढ़ावा दे रही है। कई बार समय पर एंबुलेंस व चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से घायल दम तोड़ देते हैं। हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जगह-जगह वाहन जांच अभियान, हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नाबालिग वाहन चालकों व शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।बावजूद इसके हादसे में कमी नहीं आ रहा है।
प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर आगे भी अभियान जारी रहेगा। हालांकि, बढ़ते हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि जागरूकता के साथ-साथ सख्त नियमों और बेहतर सड़क व्यवस्था की भी सख्त जरूरत है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। |