दिल्ली में शराब की दुकानों के आसपास माहौल बेहतर करने की कवायद। फाइल फोटो
राज्य ब्यूराे, नई दिल्ली। शराब की दुकानों के आसपास माहौल बेहतर रखने के लिए आबकारी विभाग ने सभी जिला अधिकारियों और पुलिस उपायुक्त को पत्र लिखा है। इसके साथ ही विभाग की टीमों ने भी शराब की दुकानों के आसपास औचक निरीक्षण और बढ़ाया है।
आबकारी विभाग ने शराब की बिक्री करने वाले चारों सरकारी निगमों को भी पत्र भेजकर यह सुनिश्चित रखने के लिए कहा है कि उनकी दुकानों पर या आसपास माहौल खराब नही हो।
फिर भी दिल्ली के कई इलाकों में शराब की दुकानों के आसपास का माहौल ठीक न होने की शिकायतें आ रही हैं । ये शिकायतें दिल्ली के बाहरी इलाकों में अधिक हैं।
दिल्ली में 700 से अधिक शराब दुकानें
दिल्ली में इस समय 700 अधिक से शराब की दुकान चल रही हैं, दिल्ली में शराब (विदेशी और बीयर) की खुदरा बिक्री दिल्ली सरकार के चार उपक्रमों (निगमों) के माध्यम से की जाती है।
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इन चार निगमों में दिल्ली राज्य औद्योगिक और ढांचागत विकास निगम (डीएसआइआइडीसी), दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी), दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर लिमिटेड (डीसीसीडब्ल्यूएस) शामिल हैं।
इसमें सबसे अधिक दुकानें डीटीटीडीसी के पास हैं। इन सरकारी निगमों के अलावा अब दिल्ली में निजी कंपनियों को शराब की खुदरा बिक्री की अनुमति नहीं है।
आबकारी विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि शराब की दुकानों के आसपास का माहौल ठीक रहना चाहिए, यानी कि वहां किसी को शराब पीने और शराब पाकर माहाैल खराब करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा इस तरह की गतिविधियां भी आसपास नहीं रहनी चाहिए कि जिससे आसपास के लोगों या आवागमन करने वाले लोगों को कोई सुविधा हो। बावजूद इसके दिल्ली के कई स्थानों पर इस तरीके के माहौल रहता है कि लोगों को परेशानी होती है।
यमुना पार की बात करें तो करावल नगर रोड पर शाम के समय प्रतिदिन इसलिए जाम लग जाता है कि वहां पर बड़ी संख्या में शराब खरीदने वाले लोग पहुंचते हैं और मुख्य मार्ग पर ही दुकानें स्थित हैं।
इस बात को इलाके के विधायक और दिल्ली विधानसभा में उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट कई बार शिकायत कर चुके हैं जिसके बाद दयालपुर की एक दुकान को यहां से हटाए जाने का भी फैसला लिया गया है।
भाजपा विधायक ने दिया था धरना
इससे पहले शराब की दुकान से खराब शराब हो रहे माहौल के चलते रोहतास नगर से भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन को पूर्व की सरकार के समय अपने इलाके की चंद्रलोक कालोनी से शराब की दुकान हटवाने के लिए जनता के साथ धरना भी देना पड़ा था, मगर दुकान फिर भी नहीं हटी थी, यह दुकान उनकी पार्टी की सरकार आने के बाद अब हट सकी है।
सरकार के नियमों की बात करें तो दुकान के आसपास या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर 5000 का जुर्माना निर्धारित है। मगर पिछले कुछ समय से आबकारी विभाग और दिल्ली पुलिस भी इस पर कार्रवाई करने को लेकर सुस्त है। जबकि दिल्ली सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि शराब की दुकानों के चलते इलाके में माहौल खराब नहीं होना चाहिए।
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