ओडिशा हाईकोर्ट
जागरण संवाददाता, अनुगुल। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने राज्य के उच्च शिक्षा सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद अग्रवाल के खिलाफ चल रही अवमानना कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। अदालत ने यह फैसला तब लिया, जब अधिकारी स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुए और आदेश के अनुपालन में हुई देरी के लिए बिना शर्त माफी मांगी।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने 20 जनवरी को अपने पूर्व आदेशों का पालन नहीं किए जाने को गंभीर अवमानना मानते हुए अरविंद अग्रवाल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और उन्हें 22 जनवरी को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया था।
न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना
उस समय न्यायमूर्ति दीक्षित कृष्ण श्रीपाद ने टिप्पणी की थी कि न केवल न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना हुई है, बल्कि अदालत को दिए गए वचन का भी उल्लंघन किया गया है।
बाद में अनुपालन दर्ज होने पर न्यायमूर्ति श्रीपाद ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गई समस्या का समाधान न्यायालय के 30 जुलाई 2025 के पूर्व निर्देशों के अनुरूप 20 जनवरी के आदेश के माध्यम से कर दिया गया है।
अवमानना से संबंधित कार्यवाही को बंद करने का आदेश
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की ओर से पेश अतिरिक्त सरकारी वकील ने देरी के लिए अदालत से बिना शर्त माफी मांगी। पूरे घटनाक्रम पर संतोष जताते हुए न्यायालय ने अवमानना से संबंधित कार्यवाही को बंद करने का आदेश दे दिया।
उल्लेखनीय है कि यह मामला विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी तपन कुमार पटनायक द्वारा दायर एक रिट याचिका से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद होने के आधार पर उन्हें सेवा वेतनवृद्धि के लाभ से वंचित कर दिया गया था। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उनकी शिकायत का निस्तारण किया गया। |
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