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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना। (सांकेतिक फोटो)
राज्य ब्यूरो, पटना। खेती को किफायती बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बिहार सरकार का कृषि विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है।
इसी कड़ी में विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना यानी सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत ड्रीप और स्प्रिंकलर सिंचाई के लिए आवेदन आमंत्रित किया है। इसके लिए किसान कृषि विभाग की वेबसाइट या बिहार कृषि एप पर पांच फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
किसानों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त टाप-अप प्रदान करते हुए ड्रीप के तहत बड़े किसानों को 70 प्रतिशत एवं लघु एवं सीमांत किसान को 80 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। स्प्रिंकलर के लिए बड़े किसानों को 45 प्रतिशत एवं लघु एवं सीमांत किसानों को 55 प्रतिशत का सहायता अनुदान दिया जा रहा है।
इसका लाभ लेने के लिए किसानों को डीबीटी पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना जरूरी है। जिन किसानों के पास स्वयं की भूमि अथवा 7 वर्षों के लिए लीज पर ली गई भूमि हो तो वे आवेदन के योग्य है।
सात वर्ष पहले इस योजना का लाभ ले चुके किसान भी इसमें आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ऑनलाइन स्वीकृत किया जाएगा।
इससे मिलता है कम लागत में अधिक उत्पादन
कृषि विज्ञानियों का दावा है कि इस योजना के माध्यम से न सिर्फ कृषि उत्पादकता बढ़ सकती है बल्कि कुशल जल प्रबंधन भी हो सकता है। इस सिंचाई प्रणाली में ड्रीप सिंचाई पद्दति, स्प्रिंकलर सिंचाई पद्दति एवं रेन गन सिंचाई पद्दति का उपयोग उर्वरक टैंक के साथ किया जाता है।
इससे पौधे के जड़ क्षेत्र में विशेष रूप से निर्मित प्लास्टिक पाईपों द्वारा कम समय अन्तराल पर पानी दिया जाता है। जिस कारण पारंपरिक सिंचाई की तुलना में 60 प्रतिशत कम जल की खपत होती है।
साथ ही, इस सिंचाई प्रणाली से फसल की उत्पादकता में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि तथा उत्पाद की गुणवत्ता उच्च होती है। वहीं, इससे करीब 25 से 30 प्रतिशत उर्वरकों की बचत होती है। खरपतवार के जमाव में भी 60 से 70 प्रतिशत की कमी होती है। |
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