दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती को अंतिम रूप दे दिया गया।
शमसे आलम, बाहरी दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर बाहरी, रोहिणी, उत्तर-पश्चिम और बाहरी-उत्तरी जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती को अंतिम रूप दे दिया गया है। करीब तीन हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी इन इलाकों में तैनात किए जाएंगे। सभी जवान 25 जनवरी सुबह से ही बताए गए स्थानों पर अपना मोर्चा संभाल लेंगे। वहीं, इन क्षेत्रों में 15 जनवरी से ही पुलिस ने चौकसी और सख्ती कई गुना बढ़ा दी है।
खासकर सिंघु व टिकरी सीमाओं पर सुरक्षा कई गुना बढ़ा दी गई है। यहां स्पेशल फोर्स की तैनाती कर दी गई है। सीमावर्ती इलाकों में भी सीसीटीवी के अलावा ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा में कोई चूक न हो, ऐसे में अतिरिक्त पुलिस जवानों के साथ अंदुरुनी इलाकों में भी पुलिस गश्त बढ़ा दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मद्देनजर किसी भी तरह की आपराधिक या असामाजिक गतिविधि को रोकने के लिए पुलिस ने मल्टी-लेयर सिक्योरिटी प्लान लागू किया गया है। खासकर दिल्ली की सीमाओं टिकरी, सिंघु और नरेला बार्डर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यहां आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच की जा रही है।
संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली जा रही है और यात्रियों की पहचान भी सत्यापित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इलाकों में सीसीटीवी कैमरे खराब या बंद पड़े थे, उन्हें भी दुरुस्त कर चालू करा दिया गया है।
संवेदनशील इलाकों में की जा रही है पैदल गश्त
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि अपराध नियंत्रण के लिहाज से पुलिस ने बैरिकेडिंग और पिकेट्स की संख्या में भी इजाफा किया है। रात के समय गश्त को और तेज किया गया है। संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त के साथ-साथ पीसीआर और मोबाइल पेट्रोलिंग यूनिट्स को भी सक्रिय रखा गया है। पुलिस का विशेष फोकस असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर है। जिले के हर थाना क्षेत्रों में वह खुद ही नजर बनाए हुए हैं। रात के समय उपायुक्त खुद क्षेत्रो में सुरक्षा ले रहे हैं।
बदमाशों पर है पैनी नजर
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि गणतंत्र दिवस के दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अपराध करने वाले तत्वों पर खास नजर रखी जा रही है। इसके लिए सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है, ताकि संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा सके। साथ ही, हिस्ट्रीशीटरों और पहले से चिन्हित अपराधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। आम नागरिकों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है और गणतंत्र दिवस के दौरान राजधानी में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
माल, बाजारों समेत धार्मिक स्थलों की बढ़ाई गई सुरक्षा
बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाके माल, बाजारों समेत धार्मिक स्थलों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी पूर्व में ही पुलिस की ओर से ट्रेनिंग भी दी गई है। वहीं, सिंघु बार्डर पर आने-जाने वाले हर वाहनों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
बाहरी जिला पुलिस ने आतंकवाद विरोधी किए उपाय-(एक जनवरी से 20 जनवरी तक)
- घर-घर जाकर किरायेदारों का सत्यापन : 19,490
- किरायेदार सत्यापन के लिए भरे गए फार्म: 4,835
- घर-घर जाकर घरेलू नौकरों के किए सत्यापन: 9,412
- घरेलू नौकर सत्यापन के लिए भरे गए फार्म: 2,225
- आरडब्ल्यूए,एमडब्ल्यूए के साथ बैठकें : 739
- आई एंड ईयर सदस्यों के साथ बैठकें: 1,200
- प्रहरी सदस्यों के साथ बैठकें : 877
- लाठी व आग्नेयास्त्रों के साथ समूह गश्त: 1,005
- माल,होटल,सिनेमा हाल का सुरक्षा आडिट: 309
- होटल व गेस्ट हाउस की जांच: 2,197
- बाजारों की जांच: 1,361
- सेकेंड हैंड कार डीलरों की जांच: 644
- साइकिल डीलरों की जांच: 523
- महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जांच: 599
- सिम कार्ड विक्रेताओं की जांच: 1,338
- सीआरआईएस के माध्यम से सत्यापित संदिग्ध व्यक्ति: 9,220
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