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खिलाड़ी और बीमार बच्चे अब जून में भी दे सकेंगे दसवीं कक्षा की परीक्षा। सांकेतिक तस्वीर
संवाद सहयोगी, धर्मशाला। अब दसवीं की वार्षिक परीक्षा से वंचित व अंक सुधार वाले विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड जून में भी परीक्षा का अवसर देगा। जून की परीक्षा में अच्छे अंक लेने वाले विद्यार्थियों के अंकों को मार्च में हुई परीक्षा में जोड़ा जाएगा।
शिक्षा बोर्ड की इस पहल से वार्षिक परीक्षाओं के समय प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों और चिकित्सीय जांच के कारण मार्च की वार्षिक परीक्षा से वंचित रहने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा। यदि इस पहल के सकारात्मक परिणाम आते हैं तो इसे जमा दो की परीक्षा में भी लागू किया जाएगा।
हालांकि, इसके लिए विद्यार्थियों को प्रार्थना पत्र लगाना होगा। धर्मशाला में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि 10वीं और जमा दो कक्षा के नियमित व एसओएस की वार्षिक परीक्षाएं तीन मार्च से शुरू होंगी। इस बार मूल्यांकन करने वाले शिक्षक उत्तरपुस्तिकाओं को घर नहीं ले जा पाएंगे।
उन्हें मूल्यांकन केंद्रों पर खाली हाथ आना होगा और खाली हाथ ही लौटना होगा। परीक्षाओं के दौरान किसी केंद्र से सीसीटीवी कैमरे खराब होने की सूचना आती है तो उस केंद्र पर कार्रवाई की जाएगी। गलत मार्किंग करने वाले शिक्षकों पर भी बोर्ड कार्रवाई करेगा। प्रदेशभर में 41 मूल्यांकन केंद्र बनाए हैं।
शिक्षा विभाग से 10वीं के लिए 2901 व जमा दो के लिए 2130 विशेषज्ञ मांगे हैं। बकौल राजेश, पहले तीन स्तरीय उड़नदस्तों जिसमें प्रशासनिक तौर पर एसडीएम और शिक्षा विभाग की ओर से उपनिदेशक स्तर व तीसरे दस्ते में शिक्षा बोर्ड के अधिकारी होते थे।
इस बार शिक्षा बोर्ड की ओर से चौथे स्तर के उड़नदस्ते भी गठित किए जाएंगे और ये तीनों पर नजर रखने के साथ-साथ प्रदेश में कहीं भी उपरोक्त उड़नदस्तों के साथ समन्वय स्थापित कर सकते हैं। वार्षिक परीक्षाओं के लिए टाइमलाइन भी जारी की जाएगी। दसवीं व जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं के लिए 2384 केंद्र बनाए हैं। सभी केंद्रों की ऑनलाइन मानिटरिंग के लिए शिक्षा बोर्ड में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। |
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