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Republic Day Parade: ब्रह्मोस से लेकर सूर्यास्त्र तक... कर्तव्य पथ पर दिखेगी भारत की सैन्य ताकत की अद्वितीय झलक

deltin33 1 hour(s) ago views 382
  

क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शन होगा।



पीटीआई, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भारत अपनी सैन्य शक्ति, स्वदेशी तकनीक और सांस्कृतिक विविधता को भव्य रूप से प्रदर्शित करेगा। कर्तव्य पथ पर होने वाली इस परेड का मुख्य विषय \“वंदे मातरम\“ के 150 वर्ष होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह की अध्यक्षता करेंगी, जो सुबह 10:30 बजे शुरू होकर लगभग 90 मिनट तक चलेगा। पहली बार भारतीय सेना फेज्ड बैटल ऐरे फॉर्मेशन में अपनी प्रमुख इकाइयों और हथियार प्रणालियों को प्रदर्शित करेगी, जिसमें हवाई, जमीनी और मिश्रित तत्व शामिल होंगे।

  

इस परेड में कई नई और महत्वपूर्ण सैन्य प्लेटफॉर्म्स की झलक मिलेगी। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM), एडवांस्ड टोइड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप और दिव्यास्त्र बैटरी जैसी स्वदेशी रक्षा उपकरण प्रदर्शित की जाएंगी।
यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम \“सूर्यास्त्र\“ पहली बार दिखाई देगा

विशेष रूप से यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम \“सूर्यास्त्र\“ पहली बार दिखाई देगा, जो 300 किमी तक की गहराई में सरफेस-टू-सरफेस हमले करने में सक्षम है। मेन बैटल टैंक अर्जुन और टी-90 भीष्म टैंक भी परेड का हिस्सा होंगे, जो भारतीय सेना की बख्तरबंद क्षमता को दर्शाएंगे।

सेना की नई इकाइयों को भी पहली बार सम्मान मिलेगा। भैरवी लाइट कमांडो बटालियन और शक्तिबान रेजिमेंट (जो ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लॉयटर मुनिशन से लैस है) परेड में शामिल होंगी। 61 कैवलरी के सवार अब पारंपरिक वर्दी के बजाय बैटल गियर में नजर आएंगे।

  

इसके अलावा जांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट भी पहली बार हिस्सा लेंगे। हवाई हिस्से में ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और उसका सशस्त्र संस्करण रुद्र \“प्रहार\“ फॉर्मेशन में दिखेंगे, जबकि अपाचे AH-64E और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर युद्धक्षेत्र समर्थन का प्रदर्शन करेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को संक्षेप में दर्शाएगा

परेड का एक प्रमुख आकर्षण ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025 में हुए ऑपरेशन) से जुड़ा होगा। एक ट्राई-सर्विसेज झांकी में ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल हुए प्रमुख हथियारों (ब्रह्मोस, आकाश, एस-400 आदि) के मॉडल दिखाए जाएंगे। साथ ही एक ग्लास-केस्ड इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर भी रोल करेगा, जो ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को संक्षेप में दर्शाएगा।

  

यह झांकी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के प्रति निर्णायक प्रतिक्रिया की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा। यह परेड आत्मनिर्भर भारत, सैन्य आधुनिकीकरण और सांस्कृतिक गौरव का अनूठा मिश्रण होगी। लगभग 6,000 रक्षा कर्मी भाग लेंगे, जो भारत की प्रगति, सैन्य ताकत और \“वंदे मातरम\“ के 150 वर्षों के उत्सव को जीवंत रूप से प्रस्तुत करेंगे।

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