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लाल किला आतंकी हमले के साजिशकर्ता मुजफ्फर राथर की तलाश तेज, जांच एजेंसियों ने इंटरपोल से मांगी मदद

cy520520 2026-1-26 03:25:52 views 1235
  

लाल किला आतंकी हमले के साजिशकर्ता मुजफ्फर राथर की तलाश (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सफेदपोश आतंकी नेटवर्क से जुड़े और लाल किले के धमाके के साजिशकर्ताओं में शामिल डा. मुजफ्फर राथर की गिरफ्तारी के लिए जांच एजेंसियों ने इंटरपोल से मदद मांगी है। बहुत जल्द राथर के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी हो सकता है।

पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ डा. राथर पर 10 नवंबर को लाल किला आतंकी हमले के लिए अफगानिस्तान से फंडिंग और हमले में शामिल लोगों को अन्य सहयोग उपलब्ध करवाने का आरोप है। अधिकारियों ने कहा कि सफेद कालर आतंकियों से पूछताछ से पता चला है कि राथर ने आतंकवादी माड्यूल के लिए फंड जुटाने में सहायता की और लगभग छह लाख रुपये का योगदान दिया।

मूल रूप से दक्षिण कश्मीर का रहने वाला डा. मुजफ्फर सहारनपुर से पकड़े गए डा. अदील राथर का भाई है और माना जा रहा है कि वह इस समय कहीं अफगानिस्तान में छिपा हुआ है। उसे एनआइए की अदालत पहले से फरार अपराधी घोषित कर चुकी है।

अधिकारियों के अनुसार राथर ने आत्मघाती आतंकी डा. उमर-उन-नबी के लिए लाजिस्टिक्स, फंडिंग के साथ षड्यंत्र में भी शामिल रहा। अधिकारियों का आरोप है कि राथर ने भारत छोड़ने के बाद विदेश से पूरी साजिश को अंजाम दिया था।

जांच एजेंसियों ने एन्कि्रप्टेड संदेश और अन्य तरीकों से पकड़े गए संदेशों से पता चलता है कि यह सब अफगानिस्तान के किसी ठिकानों से चल रहा था। अधिकारियों ने अनुसार, उमर ने राथर और अफगानिस्तान स्थित हैंडलरों के समर्थन से यह आत्मघाती हमला किया। राथर ने विशेष रूप से समन्वय और फंडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि राथर आतंकवादियों के साथ लगातार संपर्क में रहा और बम बनाने और हमले को अंजाम देने के तरीकों के सथ अन्य तैयारी के बारे में अफगानिस्तान में छिपे हैंडलरों से मदद उपलब्ध करवाई। राथर पिछले साल अगस्त माह में भारत छोड़ा और दिल्ली विस्फोट से ठीक पहले वह दुबई गया और फिर अफगानिस्तान में जा छिपा।

डा. उमर के साथ की थी तुर्की की यात्रा


2021 में राथर ने मुजम्मिल अहमद गनई और डा. उमर के साथ तुर्की की यात्रा की थी। इसी दौरान व अपने हैंडलर के संपर्क में आए थे और अफगानिस्तान जाने का प्रयास किया था। हालांकि, वह उस समय अफगानिस्तान नहीं जा सका, लेकिन अधिकारियों के अनुसार यह यात्रा इसी षड्यंत्र का ही एक हिस्सा मानी जाती है।फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत राथर, उमर और गनई ने यात्रा के बाद विस्फोटक पदार्थ को जुटाना शुरू कर दिया था। श्रीनगर पुलिस की जांच के बाद गनई की गिरफ्तारी और विस्फोटकों का जखीरा पकड़ा गया और उमर ने घबराहट में लाल किले के बाहर \“\“पूर्व-समय\“\“ विस्फोट कर दिया। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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