पीएचडी अंतिम वर्ष के छात्रों को हॉस्टल सुविधा मई 2026 तक रहेगी जारी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने अंतिम चरण में शोध कर रहे पीएचडी छात्रों को बड़ी राहत देते हुए हास्टल सुविधा में विशेष विस्तार का निर्णय लिया है। जेएनयू प्रशासन ने वर्ष 2020 बैच के टर्मिनल पीएचडी छात्रों को मई 2026 तक हास्टल में रहने की अनुमति दे दी है, जिससे शोध कार्य पूरा करने में छात्रों को स्थायित्व और सहूलियत मिलेगी।
प्राधिकारी की मंजूरी के बाद यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है। नोटिफिकेशन के अनुसार यह विस्तार केवल वर्ष 2020 बैच के उन पीएचडी छात्रों के लिए है, जो अपने शोध के अंतिम चरण में हैं। जेएनयू प्रशासन ने साफ किया है कि इस निर्णय को भविष्य के मामलों के लिए उदाहरण नहीं माना जाएगा और अन्य बैच के छात्रों को इस आधार पर हास्टल विस्तार नहीं दिया जाएगा। साथ ही हास्टल से संबंधित अन्य सभी नियम और शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।
अंतिम वर्ष में क्यों जरूरी है हॉस्टल
शोधार्थियों का कहना है कि अंतिम वर्ष में थीसिस लेखन, प्रकाशन और वाइवा जैसी प्रक्रियाओं के कारण हॉस्टल सुविधा अत्यंत आवश्यक होती है। ऐसे में विश्वविद्यालय का यह निर्णय न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि छात्रों के मानसिक और आर्थिक दबाव को भी कम करेगा। जेएनयू प्रशासन का मानना है कि यह विशेष प्रावधान शोध की गुणवत्ता बनाए रखने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने की दिशा में उठाया गया कदम है।
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