ट्रंप टैरिफ के असर को कम करने के लिए बजट में क्या हो सकता है?
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किए जाने में अब 5 दिन बचे हैं। 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। दूसरी तरफ भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है, जो फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। मगर अमेरिका की तरफ से लगाए टैरिफ जरूर भारत को परेशान कर रहे हैं। इस बीच कहा जा रहा है कि बजट (Union Budget 2026) में कुछ कदम ऐसे उठाए जाने चाहिए, जिनके जरिए अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम किया जा सके।
सरकार कर सकती है उपाय
जानकारों का अनुमान है कि यूनियन बजट 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बनाई गई US टैरिफ पॉलिसी के असर को कम करने की काफी संभावना है। यानी सरकार ऐसे उपायों का एलान कर सकती है, जिनसे यूएस टैरिफ का प्रभाव कम हो सकता है, जिससे भारत के घरेलू ग्रोथ इंजन पर दबाव घटेगा।
क्या है जानकारों का अनुमान?
जानकारों का अनुमान है कि ग्लोबल ट्रेड पर दबाव बरकरार रहे। ऐसे में एक्सपोर्ट इंसेंटिव, कस्टम ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने आदि के जरिए बेहतर प्रदर्शन से मार्जिन को अतिरिक्त सहारा मिलेगा और मैन्युफैक्चरर्स, MSMEs आदि को मजबूत सपोर्ट के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर अच्छे प्रदर्शन के साथ कमाई की विजिबिलिटी बनी रहेगी, जिससे घरेलू मांग के जरिए दबाव कम होगा।
साथ ही अंदाजा लगाया जा रहा है कि सरकार मार्केट पॉलिसी में निरंतरता और राजकोषीय अनुशासन पर नजर रखेंगी। जानकारों का मानना है कि अगर बजट में इन मामलों पर फोकस किया जाता है, तो भारत ग्लोबल टैरिफ में उतार-चढ़ाव से निपट सकता है और लॉन्ग-टर्म रुकावट का असर अधिक नहीं होगा।
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