यमुनोत्री हाईवे राड़ी टॉप खुलने पर जोखिम के साथ आवाजाही करता दोपहिया वाहन चालक
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। बीते शुक्रवार को भारी बर्फबारी से बंद गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे दो दिन बाद रविवार को खुल गये, लेकिन बर्फबारी के बाद पाला गिरने से फिसलन बढ़ने के कारण आवाजाही में जोखिम बरकरार है।
गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से गंगोत्री तक केवल फोर बाइ फोर व टायरों पर नॉन स्कीड चेन चढ़े वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है। विद्युत विभाग ने बर्फबारी से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति को कई क्षेत्रों में बहाल कर दिया है, लेकिन अब भी कुछ गावों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पायी है।
बता दें कि बीते शुक्रवार को हुई बर्फबारी के चलते गंगोत्री हाईवे गंगनानी से आगे तथा यमुनोत्री हाईवे राड़ी टॉप में बंद हो गया था। गंगोत्री हाईवे पर बीआरओ की टीम ने स्नो कटर व बैकहो लोडर मशीनों की मदद से बर्फ हटाकर सामान्य वाहनों के लिए सुक्की टॉप तक आवाजाही बहाल कर दी है।
इसके आगे गंगोत्री तक केवल फोर बाइ फोर व नॉन स्कीड चेन लगे वाहनों को ही जाने की अनुमति दी जा रही है। वहीं, यमुनोत्री हाईवे पर राड़ी टॉप, फूलचट्टी से जानकीचट्टी में बर्फ हटने के बाद पाले के चलते आवाजाही अब भी जोखिम भरी है।
हालांकि संबंधित विभागों के द्वारा उक्त स्थानों पर नमक व चूने का छिड़काव किया जा रहा है। बर्फबारी के चलते डुंडा ब्लॉक में कमद-अंयारखाल, बड़कोट में कुआं-कफनौल तथा मोरी क्षेत्र में एक ग्रामीण मोटरमार्ग अब भी बंद हैं। बर्फबारी से 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हुई थी।
रविवार को अधिकांश में आपूर्ति सुचारू हो गई है। अब केवल हर्षिल से गंगोत्री, बड़कोट तहसील में एक गांव, मोरी के 10 गांवों व चिन्यालीसौड़ के पांच गांवों में आपूर्ति बाधित है, जिसे बहाल करने के लिए विद्युत विभाग के कर्मियों के द्वारा प्रयास किया जा रहा है। |