सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, एटा। मौसम में लगातार हो रहा बदलाव जिलेवासियों की सेहत पर भारी पड़ रहा हैं। ठंडी हवाओं के बीच अचानक बढ़ रही गर्मी ने हार्ट और सांस के रोगियों को बढ़ा दिया है। शनिवार और रविवार को जिले में चार लोगों की मौत हो गई। इनमें दो लोगों की हार्ट अटैक से जबकि दो अन्य की सांस लेने में परेशानी और बीपी बढ़ने से मौत हो गई।
रविवार की सुबह मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में गंगनपुर निवासी गोविंद (45) को हार्ट अटैक के बाद स्वजन गंभीर हालत में लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। स्वजन के अनुसार गोविंद सुबह सोकर उठे ही थे कि अचानक घबराहट हुई और वह जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
तापमान के उतार-चढ़ाव से लोगो की बिगड़ रही सेहत
इसी दिन शहर के होली गेट निवासी मनताशा (25) को भी हार्ट अटैक आने पर स्वजन सुबह साढ़े छह बजे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। युवती की अचानक मौत से परिवार में कोहराम है।
वहीं शनिवार की रात नगला भूरा निवासी हरीचंद्र (60) की बीपी बढ़ने और सांस लेने में गंभीर परेशानी के चलते मौत हो गई। भांजे प्रशांत कुमार ने बताया कि अचानक सांस फूलने लगी थी, जिसके बाद मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में लाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही दम तोड़ दिया। इसी तरह पिलुआ निवासी रूमादेवी पत्नी रवीश कुमार (50) की भी सांस की परेशानी और बीपी बढ़ने से जान चली गई।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बढ़ा दबाव
इधर, मौसम के असर से कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार और रविवार को ऐसे चार मरीज मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती किए गए। इनमें उल्टी-दस्त, कमजोरी और डिहाइड्रेशन की शिकायत पाई गई। डाक्टरों के अनुसार समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
सर्दी का असर बच्चों पर भी दिख रहा है। मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक वार्ड में 15 बच्चे सर्दी, जुकाम और निमोनिया से पीड़ित होकर भर्ती हैं।
मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव से हार्ट और सांस के मरीज बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों, हृदय व सांस रोगियों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। सुबह-शाम ठंड से बचाव करें, गर्म कपड़े पहनें और किसी भी परेशानी पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। -
डॉक्टर संतोष सिंह। |
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