Can foreigners join Indian Army: भारत की सेना को दुनिया की सबसे अनुशासित और मजबूत सेनाओं में गिना जाता है लेकिन असल में यहां भर्ती के आखिर नियम क्या हैं? हमने देखा है की नेपाल के गोरखा सैनिक लंबे समय से भारतीय सेना का हिस्सा रहे हैं तो आखिर ऐसा क्यों है. क्या सच में भारत में भी विदेशी नागरिक सेना में शामिल हो सकते हैं? आइए जानते है.
क्या हैं नियम?

भारतीय सेना में सीधे तौर पर विदेशी भर्ती की अनुमति नहीं है. भारतीय सेना में केवल भारतीय नागरिक ही भर्ती हो सकते हैं. भारतीय सेना में भर्ती के लिए सबसे जरूरी शर्त भारतीय नागरिकता है. हालांकि इसमें कुछ खास अपवाद भी हैं, जैसे नेपाल के गोरखा सैनिक भारतीय सेना का हिस्सा बने हुए हैं. इसके अलावा ऐसे लोग जो लंबे समय से भारत में रह रहे हों और बाद में नागरिकता ले लें, वे भी सेना में आ सकते हैं.
सीधे तौर पर बोला जाय तो विदेशी नागरिकों को भर्ती की अनुमति नहीं है. यह नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना की अखंडता को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं. नेपाली और भूटान के लोग विशेष योजनाओं से भारतीय सेना में शामिल होते हैं.
भारतीय सेना एक राष्ट्रीय संस्था है और इसलिए केवल राष्ट्र के नागरिकों को ही इसमें सेवा करने की अनुमति है. सेना का मुख्य कार्य देश की रक्षा करना है. विदेशियों को सेना में शामिल करने से राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा हो सकता है.
किन देशों के लोग भारतीय सेना में हो सकते हैं भर्ती?
जैसा की हम जानते है, नेपाल और भूटान के नागरिक विशेष योजनाओं से भारतीय सेना में शामिल होते हैं. गोरखा रेजिमेंट इसका उदाहरण है नेपाल के गोरखा सैनिक 1947 से भारतीय सेना का हिस्सा रहे हैं. उनकी वीरता और अनुशासन के कारण उन्हें हमेशा खास स्थान मिला है. गोरखा रेजिमेंट आज भी भारतीय सेना की सबसे बहादुर इकाइयों में गिनी जाती है.
इसके अलावा सेना में भारतीय मूल के उन लोगों को भी भर्ती किया जाता है जो विभिन्न देशों जैसे पाकिस्तान, श्रीलंका, बर्मा, केन्या, युगांडा, तंजानिया, जाम्बिया, मलावी, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया और वियतनाम से आकर बसे हैं. भारत में तिब्बती सेनिकों का भी विशेष दर्जा है यह चीनी सीमा पर तैनात रहते है.
किन्हें भर्ती की अनुमति नहीं है?
भारतीय सेना में पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, अफगानिस्तान, श्रीलंका, और यूरोप के देशों के नागरिकों की भर्ती नहीं की जाती है. सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से इन देशों के नागरिकों को भारतीय सेना में भर्ती अनुमति नहीं है. भारतीय सेना में लगभग हर धर्म के लोग शामिल हैं जिसमें 70 प्रतिशत हिंदू, 8 प्रतिशत सिख, तीन प्रतिशत मुस्लिम और दो-तीन प्रतिशत ईसाई शामिल हैं.
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