जगन्नाथ मंदिर। (जागरण)
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। उड़ीसा हाईकोर्ट ने पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार (खजाने) में रखे बहुमूल्य आभूषणों और संपत्तियों की सूची तथा सत्यापन को लेकर राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
अदालत ने आदेश दिया है कि गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया अगले तीन महीनों के भीतर पूरी की जाए। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
इसके अलावा, हाईकोर्ट ने रत्न भंडार की कथित रूप से गायब चाबियों से संबंधित जांच रिपोर्ट को लेकर भी अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इस जांच रिपोर्ट को राज्य विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जाए।
विशेष रूप से, हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि न्यायमूर्ति रघुबीर दास आयोग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को औपचारिक रूप से विधानसभा के पटल पर रखा जाए। इन निर्देशों का उद्देश्य रत्न भंडार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि वर्ष 1978 में भगवान श्री जगन्नाथ के आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं की जो सूची तैयार की गई थी, वही बेंचमार्क दस्तावेज होगी।
इसी के आधार पर राज्य सरकार द्वारा बाद में गठित समिति द्वारा की गई सूची का आकलन किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वर्ष 1978 की सूची में पाए गए भगवान श्री जगन्नाथ के सभी आभूषण और बहुमूल्य वस्तुएं वर्तमान समिति द्वारा की गई सूची से मेल खाती हैं या नहीं।
हाईकोर्ट ने दोहराते हुए यह भी निर्देश दिया कि न्यायमूर्ति रघुबीर दास आयोग की रिपोर्ट को राज्य विधानसभा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए, ताकि रत्न भंडार से जुड़े मुद्दों पर पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे। |
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