अमरनाथ यात्रा 2026 पर बड़ा अपडेट (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, जम्मू। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने 2026 की वार्षिक यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रथम पूजा 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं का दुर्घटना बीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने को मंजूरी मिली।
जानकारी के अनुसार, इस साल तीर्थयात्रियों को जम्मू कश्मीर की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और संस्कृति से अवगत कराते हुए बाबा बर्फानी को समर्पित एक लेजर एंड साउंड शो भी होगा। यह आयोजन प्रदेश की दोनों राजधानी शहरों जम्मू और श्रीनगर में होगा। यह निर्णय गुरूवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की 50वीं बैठक में लिए गए हैं।
बता दें, श्री अमरेश्वर धाम जिसे आम बोलचाल में श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा के नाम से पुकारा जाता है, दक्षिण कश्मीर में जिला अनंतनाग में समुद्रतल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसी पवित्र गुफा में भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी। यह तीर्थयात्रा गर्मियों में होती है और श्रावण पूणिमा को संपन्न होती है। श्री अमरेश्वर धाम में हिमलिंग स्वरूप में विराजमान भगवान शिव, मां पार्वती और भगवान गणेश के दर्शनार्थ देश विदेश से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं।
श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को हुई बैठक में बोर्ड ने पंजीकृत तीर्थयात्रियों और तीर्थयात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार की सेवा उपलब्ध कराने वालों , यात्रा से संबधित अधिकारियों, मौसमी श्रमिकों और तीर्थयात्रा के दौरान श्री अमरेश्वर धाम में पूजा अर्चना व अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की जिम्मेदारी संभालने वाले पुजारियों का दुर्घटना बीमा भी पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।
बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आगामी तीर्थयात्रा के लिए किए जा रहे प्रबंधों का जायजा लेते हुए संबधित अधिकारियों को यात्रा मार्ग पर रोशनी और किसी भी आपात स्थिति में बचाव के उपायों को सुनिश्चित बनाने के लिए कहा। उन्होंने तीर्थयात्रा मार्ग पर स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए शौचालयों को उपयुक्त स्थानों पर ही स्थापित करने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि यह सुविधाजनक स्थान पर होने चाहिए और इनकी सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चहिए। उन्होंने यात्रियों, सेवा प्रदात्ताओं और सुरक्षा कर्मियों की सुविधा के लिए ट्रैक पर शेल्टर शेड और रेन शेल्टर लगाने का भी निर्देश दिया। |