विवि के दिवंगत कर्मियों के 16 आश्रितों को मिलेगी अनुकंपा पर नियुक्ति
जागरण संवाददाता, जामताड़ा : सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय में गुरुवार को कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर की अध्यक्षता में अनुकम्पा समिति की बैठक की गई। विश्वविद्यालय में लगभग तीन वर्षों के अंतराल के बाद यह बैठक की गई। इससे पूर्व अंतिम बैठक 24 जनवरी 2023 को तत्कालीन कुलपति प्रो. सोना झरिया मिंज के कार्यकाल में हुई थी।
बैठक की कुलसचिव डा. राजीव रंजन शर्मा के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय के विभिन्न अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में कार्यरत दिवंगत कर्मचारियों के कुल 23 आश्रितों के अनुकंपा नियुक्ति संबंधी आवेदनों पर विचार किया गया। इन 23 आवेदनों में से समिति ने 16 आवेदनों को सशर्त स्वीकृति दी है। कुछ आवेदन निर्धारित समय-सीमा के बाद जमा किए जाने के कारण अस्वीकृत किए गए, जबकि कुछ मामलों में न्यूनतम योग्यता पूर्ण नहीं होने अथवा आवश्यक दस्तावेज संलग्न नहीं रहने के कारण आवेदन निरस्त अथवा लंबित रखे गए।
एक ही कर्मचारी के दो उत्तराधिकारी (पत्नी एवं पुत्र) के मामले में राज्य सरकार के संकल्प के आलोक में समिति ने पत्नी को प्राथमिकता देते हुए उनके दावे को अनुमोदित किया गया। वहीं, एक अन्य प्रकरण में उत्तराधिकारी पुत्र की आयु 18 वर्ष से कम होने के कारण कर्मचारी की पत्नी के आवेदन को यह कहते हुए स्वीकार किया गया कि पुत्र के योग्य होने पर पुनः आवेदन किया जा सकेगा। जिन 16 आवेदनों को सशर्त स्वीकृति दी गई है, उनमें से जिन आवेदकों का शपथ-पत्र (एफिडेविट) छह माह से अधिक पुराना हो चुका है, उन्हें प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी से नया एफिडेविट जमा करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद ही नियुक्ति पत्र निर्गत किया जाएगा। बैठक में एक सहायक प्राध्यापक के मामले पर भी विचार हुआ, जिनकी नियुक्ति के बाद परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) के दौरान कोविड संक्रमण से मृत्यु हो गई थी। चूंकि उनकी सेवा अभी स्थायी नहीं हुई थी और उनकी पत्नी अनुकम्पा नियुक्ति का दावा कर रही हैं, इसलिए समिति ने इस विषय में राज्य सरकार से मार्गदर्शन प्राप्त करने का निर्णय लिया। समिति ने 16 स्वीकृत मामलों में से चार अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर चतुर्थ श्रेणी तथा 12 अभ्यर्थियों को तृतीय श्रेणी में नियुक्त करने का निर्णय लिया। अनुकम्पा समिति के सदस्य डा. बसंत कुमार गुप्ता ने सुझाव दिया कि भविष्य में बैठक से पूर्व सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र भेजा जाए, ताकि आकस्मिक मृत्यु प्राप्त कर्मचारियों के आश्रित समय पर अपना दावा प्रस्तुत कर सकें। वहीं वित्त पदाधिकारी डा. संजय कुमार सिन्हा ने यह सलाह दी कि सभी अनुकम्पा नियुक्त कर्मचारियों का दस्तावेज सत्यापन उनके संबंधित कालेज अथवा विद्यालय से कराए जाने के उपरांत ही सेवा की पुष्टि की जाए। मौके पर डीएसडब्ल्यू डा. जैनेंद्र यादव, कुलानुशासक डा. राजीव कुमार, कुलसचिव डा. राजीव रंजन सिन्हा, सीसीडीडी डा. अब्दुस सत्तार, डा. विजय कुमार आदि थे। कुलपति प्रो. कुनुल कंदीर ने विश्वविद्यालय कार्यालय को निर्देश दिया कि नियुक्ति से संबंधित सभी प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से विश्वविद्यालय में गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी कुछ हद तक दूर होगी।
बता दें कि विश्वविद्यालय में तृतीय श्रेणी के कुल 460 स्वीकृत पद हैं, जिनमें वर्तमान में मात्र 56 कर्मी कार्यरत हैं, जबकि शेष सभी पद रिक्त हैं। विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद अब तक सीधी बहाली नहीं हुई है और वर्तमान में कार्यरत अधिकांश कर्मचारी अनुकम्पा नियुक्ति के माध्यम से ही बहाल किए गए हैं। |