पशु तस्करी में पकड़े जाने पर झंगहा पुलिस ने की थी गैंग्सटर की कार्रवाई। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिला कारागार में सहबंदी पर हमला करने वाला खरभान यादव उर्फ राहुल यादव झंगहा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पशु तस्करी में पकड़े जाने पर उसके विरुद्ध गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई हई थी। वह अपने ही पिता की हत्या के आरोप नामजद रहा है।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक झंगहा थाना पुलिस ने 11 अक्टूबर 2024 को राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस पर पशु तस्करी के संगठित नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। इसी प्रकरण में उसके विरुद्ध गैंग्स्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई थी। इसके अलावा उस पर अपने ही पिता की हत्या करने का गंभीर आरोप भी दर्ज है।
जेल के भीतर उसके ऊपर लगे आरोप ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के पांच संवेदनशील जेल में गोरखपुर शामिल रहा है। इसकी वजह पूर्व में हुई घटनाएं है। 11-12 अक्टूबर 2019 को खराब भोजन और बंदियों की पिटाई के विरोध में बड़ा बवाल हुआ था।
बंदियों ने डिप्टी जेलर और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया, पथराव और आगजनी की। हालात काबू में करने के लिए ड्रोन तक की मदद लेनी पड़ी थी। उस मामले में 270 से अधिक बंदियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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इससे पहले 13 अक्टूबर 2016 को तलाशी अभियान से नाराज बंदियों ने जेल का फाटक खुलते ही सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया था।अधिकारियों की माने तो गोरखपुर जेल की क्षमता 822 बंदियों की है, लेकिन वहां 1900 से अधिक बंदी हैं,जिसकी वजह से संसाधनों को लेकर अक्सर विवाद होता है। |
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