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Vikram Sharma Murder: अपराध जगत से राजनीति और सत्संग तक, जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की पूरी कुंडली

Chikheang 1 hour(s) ago views 826
  

जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की पूरी कुंडली



जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कई आपराधिक मामलों का आरोपित विक्रम शर्मा के विरुद्ध जमशेदपुर में 20 से अधिक मामले दर्ज थे। अधिकांश मामले में वह बरी हो चुका था। वर्तमान में सफेदपोश की भूमिका में था। 2017 में उसे जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया था। उस समय जमशेदपुर के एसएसपी अनूप टी मैथ्यू थे।  

झारखंड के  दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह का विक्रम शर्मा आपराधिक गुरु रहा है और मूलरूप से उत्तराखंड के देहरादून इलाके का निवासी है। जिले के एमजीएम थाना के आशियाना में उसकी फ्लैट है। 10 साल की लंबी फरारी के बाद उसकी गिरफ्तारी जमशेदपुर पुलिस ने 15 अप्रैल 2017 को उत्तराखंड के देहरादून के एक फ्लैट से की थी।
विक्रम शर्मा पर दर्ज कुछ चर्चित आपराधिक मामले

टाटा स्टील के सुरक्षा पदाधिकारी जयराम सिंह की हत्या बागे जमशेद के पास गोली मारकर अक्टूबर 2008 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विक्रम शर्मा का नाम पुलिस के अनुसंधान में आया था।  

विक्रम शर्मा के विरुद्ध जयराम सिंह की हत्या, श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या, साकची के काशीडीह निवासी रवि चौरासिया पर फायरिंग, बर्मामाइंस में परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह के ससुराल में फायरिंग, परमजीत सिंह हत्याकांड समेत करीब 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है।  

वह झारखंड के एक राजनीतिक दल से भी जुड़ा था। पहले विक्रम शर्मा मानगो के आशियाना फ्लैट में रहता था। इससे पहले वह सिदगोड़ा में रहता था।
2021 में झारखंड के रांची के होटवार जेल से रिहा हुआ था विक्रम शर्मा

कई आपराधिक मामलों का आरोपित विक्रम शर्मा जमानत मिलने के बाद रांची के होटवार जेल से 30 जनवरी 2021 रिहा हुआ था। 2017 से 2021 तक जेल में रहने के बाद झारखंड हाईकोर्ट से उसे इस शर्त पर जमानत प्रदान की कि वह उसके खिलाफ जमशेदपुर के न्यायालय में चल रहे मामले में शारीरिक रूप से उपस्थित होगा।  

इसके बाद वह जमशेदपुर अदालत में उपस्थित होता रहा। जेल से रिहाई के बाद वह इंटरनेट मीडिया में हमेशा सक्रिय रहता था।
ट्रांसपोर्टर की हत्या में नामजद था विक्रम शर्मा और उसका भाई

सोनारी थाना क्षेत्र आशियाना निवासी ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या के मामले में विक्रम शर्मा, उसका भाई अरविंद शर्मा, अखिलेश सिंह, पिंकी शर्मा, हरीश अरोड़ा, मंटू समेत अन्य पर लगा था।  

इस मामले में कोर्ट ने हरीश अरोड़ा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी जबकि अखिलेश सिंह, विक्रम शर्मा और मंटू को बरी कर दिया गया था। इस मामले में आरोपित अरविंद शर्मा के विरुद्ध कोर्ट में केस लंबित है। अरविंद कुमार शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।
गैंगस्टर अखिलेश सिंह को आगे कर अपना हित साधता था विक्रम शर्मा

गैंगस्टर अखिलेश सिंह को आगे कर अपना हित साधने वाले विक्रम शर्मा को जानने वाले बताते है कि वह सत्संगी है। हमेशा अखिलेश सिंह को भी वह अपने साथ सत्संग में ले जाता था। साकची जेल में जब अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा बंद थे। तब सत्संग का आयोजन भी किया गया था।  

अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा के इशारे पर जमशेदपुर में 2008 में नामी-गिरामी लोगों के आवास और कार्यालय पर जिले के तत्कालीन एसपी नवीन कुमार सिंह के कार्यकाल में फायरिंग कराई गई थी, ताकि पुलिस के खिलाफ लोगों का आक्रोश उभरे और एसपी का तबादला हो जाए।
कार्तिक मुंडा के निशाने पर था विक्रम, कार्तिक की हो गई संदिग्ध मौत

कई आपराधिक मामलों का आरोपित रहा कार्तिक मुंडा के निशाने पर विक्रम शर्मा था जिसकी भनक विक्रम शर्मा को मिलने पर वह सचेत हो गया था। हालांकि उसे निशाने पर लेने वाले कार्तिक की सोनारी में पुलिस की छापेमारी के दौरान संदिग्ध परिस्थिति में फ्लैट से गिरने से मौत हो गई थी।  

घटना 12 जुलाई 2024 की है। कभी कार्तिक मुंडा गैंगस्टर अखिलेश सिंह का शूटर हुआ करता था। कार्तिक जिले का वांटेड अपराधी था।
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