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गन्नौर जमीन फर्जीवाड़े की जांच के लिए पुलिस ने बनाई एसआईटी, दिल्ली के कारोबारी की साढ़े चार एकड़ जमीन का मामला

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हरियाणा पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। फोटो: आर्काइव



जागरण संवाददाता, सोनीपत। गन्नौर तहसील में फर्जी दस्तावेजों के सहारे दिल्ली के कारोबारी की साढ़े चार एकड़ को बेचने के मामले में पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है। गन्नौर के एसीपी ऋषिकांत की अध्यक्षता में कुल चार अधिकारियों वाली एसआईटी मामले की जांच में जुट गई है। शिकायतकर्ता कारोबारी व डीसी के आदेश पर इस मामले में पांच आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

वहीं रजिस्ट्री करने वाले नायब तहसीलदार की भूमिका की अलग से जांच के लिए गन्नौर थाना प्रभारी को जांच के लिए कहा गया था। एसआईटी ने रजिस्ट्री के दौरान लगाए गए दस्तावेजों को जमा करना शुरू कर दिया है। कई अन्य दस्तावेज भी मांगे गए हैं, इसके बाद आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।

दिल्ली के शालीमार बाग के बी ब्लाक के मकान नंबर 127, दूसरी मंजिल के रहने वाले बिकास पाड़िया ने 12 जनवरी को गन्नौर के एसीपी को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म सपाज एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड की गन्नौर के बाय रोड पर वर्ष 2011 से दो रजिस्ट्रियों में 36 कनाल जमीन जमीन है। 10 जनवरी को उन्हें पता चला कि उनकी जमीन की फर्जी कागजों के आधार पर रजिस्ट्री हो गई है।

नसीरपुर बांगर के प्रमोद कुमार ने उनकी फर्म का फर्जी अथाॅरिटी लेटर बनवाकर खुद को जमीन का मालिक बताकर जींद के पिल्लूखेड़ा के बलबीर सिंह को बेच दिया।

इस मामले में डीसी सुशील सारवान ने 22 जनवरी को मामले की जांच एडीसी को सौंपी थी, उन्हें मामले में दोषियों की जिम्मेदारी तय करते हुए 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने आदेश दिए थे, लेकिन एडीसी अब तक जांच कमेटी तक नहीं बना पाए हैं, जांच होना तो दूर की बात, जबकि उन्हें छह फरवरी तक रिपोर्ट डीसी को सौंपनी थी।

वहीं डीसी ने राजस्व विभाग की वित्तायुक्त डाॅ. सुमिता मिश्रा को गन्नौर के नायब तहसीदार अमित कुमार की रजिस्ट्रेशन पावर सीज करने के लिए पत्र लिखकर सिफारिश की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

अब इस मामले की जांच के लिए पुलिस की ओर से एसआईटी बनाई गई है। एसीपी गन्नौर ऋषिकांत की अध्यक्षता वाली एसआईटी में गन्नौर थाना प्रभारी धीरज, एसआइ पवन और एसआई बिट्टू को शामिल किया गया है। एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है।

एसीपी ऋषिकांत ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज हासिल कर लिए गए हैं, जो दस्तावेज बाकी हैं, उनके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को लिखा गया है। जल्द ही रिकाॅर्ड मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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