डीजीपी विनय कुमार। फाइल
डिजिटल डेस्क, पटना। राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं को आधार बनाकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और कानून-व्यवस्था में विफलता का आरोप लगा रहा है।
इसी कड़ी में बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान राजद के विधान पार्षद डॉ. सुनील कुमार सिंह ने एक गंभीर मामला सदन के समक्ष उठाया।
पुलिस पदाधिकारी पर होगी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र से एक लड़की लापता हो गई थी, लेकिन उसका मामला काफी देर बाद दर्ज किया गया।
आरोप है कि पीड़िता के परिजनों से पुलिसकर्मियों ने असंवेदनशील भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि उनकी बेटी \“ऐश-मौज करने गई है और एक-दो महीने में लौट आएगी।\“ इस बयान को लेकर सदन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
मामले पर शनिवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला भूमि विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है।
डीजीपी ने कहा कि यदि किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा इस तरह की टिप्पणी की गई है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सांसद पप्पू यादव ने की आलोचना
इधर, पुलिस के कथित रवैये को लेकर सियासत और गरमा गई है। विपक्ष सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है। सांसद पप्पू यादव ने पुलिस की भाषा पर कड़ा ऐतराज जताया।
इस तरह की टिप्पणियां न सिर्फ अमानवीय हैं, बल्कि किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। उन्होंने मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जहां बेटियां गायब हो रही है, वहां कौन सा दिवस मनाना है। उन्होंने एक बार पटना एसपी पर आक्षेप लगाया।
कहा हर दिन बच्चियां गायब हो रही हैं। खेमका हत्याकांड, रूपेश हत्याकांड और एनकाउंटर मामले में वे चुप नहीं बैठेंगे। |
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