सड़क दुर्घटना में व्यवसायी। फाइल फोटो
संवाद सहयोगी, कुर्था (अरवल)। कुर्था -किंजर पथ पर गंगापुर पेट्रोल पंप के समीप शनिवार की सुबह एक यात्री बस और बाइक की सीधी टक्कर में बाइक सवार कुर्था बाजार निवासी विनोद ठाकुर के पुत्र दीपक कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
हादसे की सूचना पर स्थानीय लोग इक्ट्ठा हो गए, लेकिन घायल को अस्पताल पहुंचाने की बजाय लोग उसका वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। कुछ ही समय बाद पुलिस पहुंची और घायल को आनन-फानन अस्पताल लेकर गई, लेकिन तब तक गोल्डन ऑवर निकल गया और घायल ने दम तोड़ दिया।
यह घटना मानवीय संवेदनाओं के पतन को दर्शाती है, जहां लोग घायल की मदद करने की बजाय इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने के लिए वीडियो बनाने को प्राथमिकता देते हैं। दीपक कुमार एक युवा व्यवसायी थे, जो मोतीपुर बाजार में श्रृंगार की दुकान संचालित करते थे।
वह प्रतिदिन की तरह शनिवार की सुबह आठ बजे अपनी दुकान के लिए बाइक से मोतीपुर जा रहे थे। कुर्था -किंजर पथ पर एक आटो चालक ने अचानक चकमा दे दिया, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सामने से आती यात्री बस से टकरा गई।हेलमेट नहीं पहनने के कारण हादसे में दीपक कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
बाइक के साथ सड़क पर गिरे खून से लथपथ दीपक कुमार छटपटा रहे थे और लोग उनका वीडियो बनाते रहे। हालांकि सूचना मिलते ही बिना देर किए प्रभारी थानाध्यक्ष स्मिता उपाध्याय घटना स्थल पर पहुंची और घायल को उठाकर आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्था ले गईं, जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए सदर अस्पताल अरवल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद बस चालक भी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले में अज्ञात बस चालक पर मुकदमा किया गया है। गौर हो कि बिहार सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने वाले नेक मददगारों के लिए प्रोत्साहन राशि को 10,000 से बढ़ाकर 25,000 कर दिया है, ताकि लोग घायलों की मदद करने के लिए प्रेरित हों।
लेकिन कुर्था की घटना ने सरकार की इस मंशा पर पानी फेरने का काम किया है। गोल्डन आवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर उसकी जान बच सकती थी। हादसे में दीपक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्वजन का रो-रोकर हाल बेहाल था। |