5 फरवरी को म्यंसंगट गांव के दूर थांगस्कू इलाके में एक ब्लास्ट हुआ
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स में 5 फरवरी को एक गैर-कानूनी कोयला खदान में जबरदस्त धमाका हुआ था। इस हादसे में 31 लोगों की मौत हो गई थी। शवों की पहचान कर उन्हें परिवार को सौंप दिया गया था।
ऐसे ही एक मजदूर के परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही वह अपने घर जिंदा वापस लौट आया। उसे जिंदा देख परिवार को भी यकीन नहीं हुआ। अधिकारी भी हैरान रह गए कि जिस व्यक्ति का कुछ दिन पहले अंतिम संस्कार किया गया था, वह आखिर कौन था।
दरअसल 5 फरवरी को म्यंसंगट गांव के दूर थांगस्कू इलाके में एक ब्लास्ट हुआ। कथित तौर पर ब्लास्ट डायनाइट के इस्तेमाल से हुआ था। असेटमेंट टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शव बाहर निकाले गए और पहचान कर परिवार को सौंप दिए गए।
9 फरवरी को ऑपरेशन बंद कर दिया गया, क्योंकि टीम का मानना था कि खदान के अंदर फंसे जिंदा लोगों को ढूंढने की कोई और गुंजाइश नहीं है। इन मजदूरों में शामिल श्याम बाबू सिन्हा के परिवार ने मिली बॉडी का अंतिम संस्कार कर दिया।
लेकिन अंतिम संस्कार के 3 दिन बाद ही श्याम बाबू अपने घर लौट आए। अब बॉडी की पहचान प्रक्रिया की भी जांच चल रही है।
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