प्राथमिक जांच में कंपाउंडर देवी सिंह की लापरवाही साबित (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जोधपुर के चर्चित साध्वी प्रेम बाइसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के 18 दिन बाद बड़ा अपडेट आया है। एफएसएल व विसरा रिपोर्ट के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट के कारण साध्वी की मौत हुई थी।
कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है और पूरे शरीर में रक्त का संचार रुक जाता है। साथ ही, जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने इस मामले में किसी प्रकार के षड्यंत्र से साफ तौर पर इन्कार किया है।
साध्वी को लगाया गया था इंजेक्शन
उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम के बाद एफएसएल व विसरा रिपोर्ट और लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है। जांच में सामने आया कि डाक्टर की सलाह के बिना साध्वी को इंजेक्शन लगाया गया था।
यही लापरवाही उनकी मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बनी। प्रेम बाइसा के शरीर में जहर की पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस कमिश्नर ने बताया कि डाक्टरों की ओपिनियन के आधार पर यह निष्कर्ष सामने आया है कि साध्वी प्रेम बाइसा को फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारी थी।
अस्थमा की समस्या के चलते उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे उनकी मृत्यु हुई। प्राथमिक जांच में कंपाउंडर देवी ¨सह राजपुरोहित की लापरवाही साबित हुई है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।
44 लोगों से हुई पूछताछ
इस पूरे मामले में अब तक 44 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, 106 मोबाइल नंबरों की काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर ) खंगाली गई है। वहीं, साध्वी के पिता विरामनाथ अब भी उपवास पर हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
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