कौवों की रहस्यमयी मौत। (जागरण)
संवाद सहयोगी, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। प्रखंड की तेघड़ा गांव स्थित एक बगीचे में पिछले दस पंद्रह दिनों से कौओं की लगातार हो रही मौत ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
आधा दर्जन कौओं के मृत पाए जाने के बाद इलाके में बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिलसिला नया नहीं है।
पिछले कई वर्षों से उमाशंकर पासवान के बगीचे और आसपास के क्षेत्रों में हर साल फरवरी मार्च के दौरान ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में भी कौओं की मौत के बाद पशुपालन विभाग सक्रिय हुआ था। इस बार भी सूचना मिलते ही विभाग ने जांच की बात कही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का कारण संक्रमण है या कोई अन्य वजह।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 के मार्च माह में बैजलपुर, तेघड़ा और दुलारपुर गांवों में भी दर्जनों कौए मृत पाए गए थे, तब बर्ड फ्लू की आशंका जताई गई थी, हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई थी।
जानकारों का मानना है कि आम के मंजर और फसलों में कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव के बाद कीट पतंगों को खाने के दौरान कई पक्षियों, विशेषकर कौओं की मौत हुई थी।
इधर बगीचा मालिक उमाशंकर पासवान ने बताया कि अचानक कौओं की मौत से वे चिंतित हैं। पिछले साल भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, इस बार भी कारण स्पष्ट नहीं है।
इस संबंध में भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि तेघड़ा क्षेत्र में हर वर्ष इस तरह की घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रवास (माइग्रेशन) के दौरान कौओं के नए क्षेत्र में आने और मौसम परिवर्तन के कारण भी ऐसी स्थिति बन सकती है।
टीम स्थल पर जाकर जांच करेगी। संक्रमण से बचाव के लिए मृत कौओं को सुरक्षित तरीके से जमीन में दफन किया जाएगा और सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया फिलहाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उसके बाद कौओं की मौत के वास्तविक कारणों पर से पर्दा उठ पाएगा। |