अब नहीं चलेगी आयुष्मान योजना से आच्छादित अस्पतालों की मनमानी।
राकेश पाठक, संतकबीर नगर। जिले में रेवड़ी की तरह प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना से स्वास्थ्य विभाग ने आच्छादित किया है। इस योजना से कार्डधारको के उपचार में लापरवाही बरतने की मामले सामने आ रहे है। पहले तो स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से उपचार करने की अनुमति तो दे दी, लेकिन अब उन अस्पतालों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई।
शासन ने अब जिले के प्रत्येक आयुष्मान कार्ड से उपचार करने वाले अस्पतालों व उपचार किये गए रोगियों का पूरा विवरण की जांच के आदेश दिये है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहल भी शुरू कर दी है।
अस्पतालों के स्तर पर क्लेम में किसी तरह का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एनएचए (नेशनल हेल्थ अथॉरिटी) ने और तकनीकी पक्ष और मानकों को कड़ा कर दिया है। सभी अस्पतालों को पहले हॉस्पिटल इंपेनलमेंट मॉड्यूल (एचईएम) पोर्टल पर पंजीकृत किया जायेगा।
इस पर स्टेट नोडल एजेंसी सांचीज ने जिले के आयुष्मान योजना से उपचार कर रहे अस्पतालों को चेतावनी दी है कि यदि मानक व माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं की तो उन्हें आयुष्मान मरीजों के इलाज का कोई क्लेम नहीं दिया जाएगा । इसके लिए साचीज ने 15 फरवरी को अंतिम तिथि निर्धारित की है।
मालूम हो कि आयुष्मान योजना के तहत सरकार पात्र परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक मुफ्त उपचार करने की सुविधा देती है। जिले में 65 ऐसे सरकारी व निजी अस्पताल है जहां पर आयुष्मान योजना से कार्डधारकों का उपचार किया जा रहा है। इन अस्पतालों में हर माह करोड़ों रूपये का बिल भी साचीज को भेजा जा रहा है।
हैरत की बात यह है कि यदि अस्पतालों को विभाग ने आयुष्मान येाजना से आच्छादित किया तो दूबारा उनके मानकों की जांच की आवश्यकता क्यो पड़ी। यदि पड़ी तो क्या अनुमति देते समय जिम्मेदारों द्वारा मानकों का नजरंदाज किया गया।
अस्पतालों के ये हैं प्रमुख मानक
अस्पतालों को हर स्पेशियलिटी का विस्तृत ब्योरा रखना,डॉक्टरों का विबरण और शैक्षिक योग्यता ,ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल आईसीयू का पूरा विवरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, बायो मेडिकल वेस्ट की एनओसी, लिफ्ट की एनओसी, संबंधित चिकित्सक कितने अस्पतालों में ऑन कॉल है, फुल टाइम मेडिकल ऑफिसर का पूरा विबरण, एनएबीएच (नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हेल्थ) की मान्यता, अस्पताल में बाटर सप्लाई की स्थिति, अस्पताल का नक्शा समेेत अन्य मानक निर्धारित है।
सीएमओ ने गठित की है जांच टीम
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने जिले के आयुष्मान येाजना से अच्छादित अस्पतालों पर मानकों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।जिसमें अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राम रतन,डा.जन्मेजय सिंह,डा.मुबारक अली को नामित किया है।
सभी आयुष्मान धारक अस्पतालों के मानकों के साथ उपचार किये गए रोगियों के पूरे विवरण की जांच की जायेगी।जिसके लिए टीम बनाई गई है। -डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ।
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