जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह।- फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। महोबा में हर घर नल योजना को लेकर पिछले दिनों भाजपा के चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा जलशक्ति मंत्री को घेरने के बाद अब विधान सभा में सोमवार को सपा ने जल जीवन मिशन में घपले का मुद्दा उठाया। सपा सदस्यों ने इस योजना की जांच कराने की मांग की। कहा आए दिन टंकियां गिर रही हैं, न तो नलों से पानी आ रहा है और न ही गांव की सड़कें ठीक हो रहीं हैं। वहीं, जलशक्ति मंत्री ने आरोप को बेबुनियाद बताया है।
सपा के कमाल अख्तर व प्रभु नारायण सिंह ने नियम-56 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव के यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि इस योजना के पूरा होने की अंतिम तिथि ही बार-बार बढ़ा दी जाती है। अब वर्ष 2028 में इस योजना के पूरा होने की तिथि कर दी गई है। लखीमपुर व सीतापुर में टंकियां गिर गईं। कुछ स्थानों पर ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई हो रही है। इसमें भी प्रेशर नहीं होता है।
इस योजना के तहत जो पाइपलाइन डाली गई है उसकी गुणवत्ता बहुत खराब है। देश भर में 17 हजार शिकायतें केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज हुईं हैं उनमें 85 प्रतिशत प्रदेश की हैं। गांव की सभी गलियां खोद दी गईं हैं उसे बनाया भी नहीं जा रहा है। पहले हैंडपंप विधायकों को लगवाने के लिए मिलते थे किंतु इस योजना के आने के बाद से उसे बंद कर दिया गया। गरीबों को आज पानी नहीं मिल रहा है।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि लगता है कि विपक्ष के लोग क्षेत्र से जुड़े नहीं हैं, इसलिए गलत जानकारी सदन में दे रहे हैं। विपक्ष के सदस्यों ने जिस क्षेत्र में पानी न आने की बात कही है वह नगर पंचायत है जिसका काम जल जीवन मिशन ने नहीं करवाया है।
सरकार को जहां भी गड़बड़ियां मिली हैं उनके खिलाफ एफआइआर कर कार्रवाई की गई है। एजेंसियों की भी 10-10 प्रतिशत तक धनराशि काटी गई है। उन्होंने योजना से जुड़े आंकड़े विस्तार से गिनाए। विधान सभा अध्यक्ष ने इस विषय पर चर्चा कराने की मांग खारिज कर दी।
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