17 मार्च को पटना में होगा समर्पित कांग्रेसियों का सम्मेलन
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। संगठन को फिर से मजबूत करने और समर्पित कांग्रेसियों को एकजुट करने के उद्देश्य से आगामी 17 मार्च को पटना में एक महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। बिहार बचाओ कांग्रेस अभियान के तहत सात फरवरी से राज्य के विभिन्न जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
बिहार कांग्रेस के वरीय नेता एवं खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव एवं युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सह पूर्व महासचिव नागेंद्र पासवान विकल ने सोमवार को भागलपुर परिसदन में प्रेस को संबोधित किया। छत्रपति यादव ने बताया कि बिहार कांग्रेस इस समय संक्रमणकाल से गुजर रही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व विशेषकर राहुल गांधी के प्रयासों के बावजूद बिहार में कांग्रेस लगातार कमजोर हुई है। बिहार चुनाव के दौरान उनका 25 दिनों की यात्रा हुई।
संगठन को नुकसान पहुंचाने वाले लोग आज भी प्रभावशाली भूमिका में हैं, जबकि निष्ठावान और संघर्षशील कांग्रेसजन हाशिये पर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में हुई गड़बड़ियों से कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ी है। कई बार पार्टी नेतृत्व तक बात पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
इससे समर्पित कांग्रेसियों में उपेक्षा की भावना गहराती जा रही है। महासम्मेलन आयोजित कर जमीनी स्तर के कांग्रेसियों को एक मंच पर लाने की पहल की जा रही है। बिहार के वरीष्ठ नेता राहुल गांधी के बातों को लागू नहीं होने दे रहे। चुनाव में जिसे प्रभारी बनाया वो पैसे कमाने आए। उन्हें पता नहीं क्षेत्र में कहां और कौन मोहल्ला और कार्यकता है। वार रूम बनाकर सदाकत आश्रम को छोड़ दिया। कुछ स्लीपर सेल पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने 25 बाहरी लोगों को चुनाव का टिकट दिया। इससे पार्टी को नुकसान हुआ। यहां जिला अध्यक्ष, पूर्व जिला अध्यक्ष, एआईसीसी व पीसीसी सदस्यों से मुलाकात कर महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील करेंगे। |
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