लापता दो मासूम जर्जर और खराब पड़ी कार से सकुशल बरामद किए गए। फोटो: जागरण
संवाद सहयोगी, बेनीपट्टी (मधुबनी)। Madhubani Village Incident: बेनीपट्टी प्रखंड के गंगुली गांव में रविवार से रहस्यमय ढंग से लापता दो मासूम बालक सोमवार को गांव में ही खड़ी एक जर्जर और खराब पड़ी कार से सकुशल बरामद किए गए।
दोनों बच्चों ने पूरी रात कार के भीतर बंद रहकर डर और छटपटाहट के बीच गुजारी। गनीमत रही कि समय रहते उनकी जान बचा ली गई।
खेलने निकले थे घर से
गंगुली गांव निवासी राकेश राय के आठ वर्षीय पुत्र शिवा कुमार और रामकुमार राय के सात वर्षीय पुत्र रीतिक कुमार रविवार की दोपहर करीब तीन बजे घर से खेलने के लिए निकले थे, लेकिन देर शाम तक जब वे वापस नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
गांव में खोजबीन शुरू हुई, लेकिन बच्चों का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होते ही गांव में अफरातफरी मच गई और बच्चों के अपहरण की आशंका से लोग भयभीत हो उठे।
काफी देर तक तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों ने स्थानीय थाना को सूचना दी। इसके बाद रातभर प्रशासन और ग्रामीणों की टीम गांव और आसपास के इलाकों में बच्चों की तलाश करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सोमवार की सुबह घर से लगभग पांच सौ मीटर दूर मिट्टी के कटान के पास खड़ी एक जर्जर कार से बच्चों के मिलने की सूचना ने सबको चौंका दिया।
बताया गया कि गंगुली पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रेम शंकर राय के अनुसार दोनों बच्चे खेलते-खेलते खराब पड़ी कार में घुस गए थे। इसी दौरान कार का गेट बंद हो गया और वे अंदर फंस गए।
आवाज सुनकर बची जान
सुबह गांव के कुछ बच्चे बकरी के लिए पत्ता तोड़ने जा रहे थे। तभी उन्हें कार के भीतर से शीशे पर हाथ मारने और आवाज लगाने की आवाज सुनाई दी। बच्चों ने तुरंत गांव वालों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों ने कार का शीशा तोड़कर दोनों मासूमों को बाहर निकाला। बाहर निकलते ही बच्चे काफी डरे हुए थे, लेकिन सुरक्षित थे।
प्रशासन भी पहुंचा मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही अमित कुमार के निर्देश पर बेनीपट्टी थानाध्यक्ष शिव शरण साह और अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार पुलिस बल के साथ गंगुली गांव पहुंचे। पुलिस ने दोनों बच्चों को कार से बाहर निकलवाकर परिजनों को सौंप दिया।
बच्चों के सकुशल मिलने पर परिजनों सहित पूरे गांव ने राहत की सांस ली। इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने जर्जर और अनुपयोगी वाहनों को गांव से हटाने की मांग भी उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। |
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