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अवैध निर्माण को लेकर ना तो जिला नगर योजनाकार और ना ही नगर निगम ने उठाया अभी तक सख्त कदम।
जागरण संवाददाता, करनाल। शहर में धड़ल्ले से हो रहे बहुमंजिला अवैध निर्माण सुर्खियों में है। सेक्टर-32 के सामने नूर महल रोड के पीछे बन रही बहुमंजिला इमारत को लेकर दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के बाद नगर निगम ने कुछ हलचल जरूर दिखाई है।
नगर निगम ने निर्माण कार्य से संबंधित विकास बंसल केयर आफ ओपीएस ज्वेर्ल्स नेहरू पैलेस को नोटिस जारी किया है। नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि बिना निगम की मंजूरी के करीब 1200 रनिंग फुट सीवर लाइन डाली और उसे निगम की मुख्य सीवर लाइन से जोड़ा गया।
इस पर आपत्ति जताते हुए दो दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि समय पर जवाब न मिलने पर अवैध रूप से डाली गई सीवर लाइन को तोड़ दिया जाएगा और कनेक्शन काट दिया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
यह नोटिस भले ही सीवरेज से जुड़ा हो, लेकिन असली मुद्दा अब भी जस का तस है। सवाल यह है कि जिस बहुमंजिला भवन का निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया जा रहा है, उस पर निर्माण शुरू होने से अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? लोगों का आरोप है कि न तो डीटीपी विभाग ने समय रहते संज्ञान लिया और न ही नगर निगम ने अवैध निर्माण को रोकने के लिए कदम उठाए।
इससे पहले डीटीपी की टीम ने आसपास के छोटे अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की, लेकिन ठीक बगल में खड़ी होती बहुमंजिला इमारत पर नजर तक नहीं डाली गई। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में रोष है। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही निर्माण कार्य को रोका जाता, तो आज यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।
यह भी आरोप है कि बहुमंजिला भवन के लिए न तो आवश्यक एनओसी ली गई और न ही भवन निर्माण से संबंधित कोई स्वीकृति सार्वजनिक रूप से दिखाई गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य बेरोकटोक चलता रहा। अब जब मामला अखबार में उठा, तो निगम ने केवल सीवरेज के मुद्दे पर नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर दी।
वरिष्ठ एडवोकेट देवेंद्र मान ने निगम की इस कार्रवाई को लोग आधा-अधूरा कदम बताया। उनका कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो केवल सीवरेज लाइन ही नहीं, बल्कि पूरे अवैध निर्माण पर कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की असली परीक्षा है। |
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