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अनपढ़ लोगों ने की करोड़ों की साइबर ठगी, UP में बैठकर बनाया तमिलनाडु और कर्नाटक के लोगों को शिकार

cy520520 2026-2-17 13:56:26 views 1235
  

प्रेस वार्ता में जानकारी देते एसएसपी अविनाश पांडेय। पीछे खड़े हैं चारों आरोपित l जागरण



जागरण संवाददाता, मेरठ। मुंडाली स्थित अजराड़ा के चार युवकों ने दो साल में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की। पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर उनसे कुछ सामान भी बरामद किया है। इनमें तीन आरोपित अनपढ़, जबकि एक आठवीं पास है।

शादी समारोहों में डेकोरेशन में प्रयोग होने वाली लाइटों और अन्य सामान को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आधी कीमत में बेचने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। बुकिंग के बाद बाक्स में सामान के बजाय रद्दी रखकर कुरियर करा देते थे। कुरियर की रसीद दिखाकर खाते में रकम डलवा लेते थे। इन्होंने कर्नाटक, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के लोगों से सर्वाधिक ठगी की है।

पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि इंडियन साइबर क्राइम कार्डिनेशन सेंटर के पोर्टल पर कर्नाटक और तमिलनाडु से छह शिकायतें अपलोड की गईं। उक्त मामलों में प्रयोग किए मोबाइल नंबरों की आइडी मुंडाली के अजराड़ा गांव की थी। साइबर सेल की जांच में सामने आया कि अजराड़ा गांव के सलमान, सलीम, मतलूब और जीशान पिछले दो साल से साइबर ठगी कर रहे हैं।

पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इन्होंने फर्जी कंपनियों के नाम से इंस्टाग्राम और फेसबुक पर आइडी बना रखी है। उक्त आइडी पर शादी समारोहों में डेकोरेशन करने वाले झूमर, बाल, कांच के जग समेत काफी सामान की फोटो अपलोड की गई हैं। बाजार के मुकाबले उक्त सभी सामान के रेट आधे दर्शाए गए हैं।

ग्राहकों को बताया जाता है कि माल सीधे फैक्ट्री से बेचा जाता है, इसलिए सस्ता है। दुकानों पर पहुंचते ही इनकी कीमत दोगुनी हो जाती है। आर्डर के लिए वाट्सएप नंबर भी दिया है। वीडियो में बताया जाता है कि पूरे देश में निश्शुल्क आनलाइन डिलीवरी दी जाएगी। कर्नाटक, तमिलनाडु एवं मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से आर्डर मिल रहे थे। सामान के कुरियर की रसीद भेजकर खाते में रकम डलवा लेते थे। कुरियर के पैकेट में रद्दी भर दी जाती थी। यह गिरोह पिछले दो साल से कई राज्यों में करोड़ों की ठगी कर चुका है।

फर्जी आइडी पर चला रहे थे सिम फर्जी कंपनी के कागजात लगाकर बैंक में खाता खोला हुआ था। आरोपित उक्त खाते में रकम डलते ही निकाल लेते थे। सभी मोबाइल नंबर भी फर्जी आइडी पर खरीदे थे। ठगी के बाद सिम तोड़ देते थे। खाता बंद होने पर बैंक में दूसरा खुलवाते थे। सभी ने बैंक से भी अच्छी सेटिंग की हुई थी।

2023 और 24 में भी उनके खिलाफ आइटी एक्ट के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। सेटिंग कर थाने से ही जमानत ले लेते थे। ये सामान हुआ बरामद लोहे के स्टार, झूमर (लोहा), बाल (कांच), बाल (तार), कांच का जग, फूल की लड़ी, फूल शेड, टोकरी (तार), झूमर (कांच), बैलून (तार), लट्टू (तार) और फूलों के पट्टे।
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