राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधान सभा में बुधवार को उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक-2026 पेश किया जाएगा। इसमें अगले पांच वर्षों तक राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अधिकतम तीन प्रतिशत तक ही रखने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
विधेयक में उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध अधिनियम-2004 की धारा चार में संशोधन प्रस्तावित है।
संशोधन विधेयक के पारित होने पर वित्तीय वर्ष 2026-27, 2027-28, 2028-29, 2029-30 और 2030-31 में प्रत्येक वर्ष सरकार राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अधिकतम तीन प्रतिशत बनाए रखने का काम करेगी।
भारत सरकार ने इस सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। राज्य सरकार भी संशोधन के माध्यम इसे लागू करेगी। |