सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गिरिडीह। ग्राहक सेवा केंद्र चलाते-चलाते साइबर अपराधियों के संपर्क में आकर रमेश मंडल भी इस अपराध को करने में महारत हासिल कर लिया और अपने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए लोगों के खातों से पलक झपकते ही राशि टपाने वाला सरगना बन गया।
साइबर ठगी में मामले में दबोचा गया रामेश्वर मंडल उर्फ रमेश मंडल अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के पंचनटांड़ गांव का रहने वाला है और पूर्व में एक ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन करता था। जामताड़ा के साइबर अपराध के मास्टरमाइंड के संपर्क में आने के बाद रमेश भी ठगी के माध्यम से संपत्ति अर्जित करने का ठाना और साइबर अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हुए लोगों के खातों से राशि टपाने लगा।
पहले तो गिरिडीह से लेकर जामताड़ा, धनबाद, देवघर व आसपास के जिलों तक ही ठगी को सीमित रखा और लोगों के खातों से राशि टपाते हुए धन अर्जित करने लगा। इसी बीच वर्ष 2023 में जामताड़ा के साइबर थाने में दर्ज एक मामले में वहां की पुलिस छापेमारी करते हुए इसे गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
लेकिन जेल से छूटने के बाद फिर इस ठगी में संलिप्त होते चला गया। अपने अधीन कुछ युवकों को रखकर रुपया टपाने लगा। साइबर ठगी के माध्यम से अर्जित संपत्ति से इसने वाहन खरीदने के अलावा आलीशान मकान भी बनाया। इसके अलावा बैंक बैलेंस समेत अन्य संपत्ति बढ़ाई।
उसके पास से जब्त मोबाइल के नंबरों से पुुलिस को ठगी के कई वारदात काफी साक्ष्य मिला है। इस नंबर से ठगी के मामले में झारखंड के कई जिलों के अलावा दिल्ली, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, केरल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के थानों में 26 शिकायतें दर्ज है जिसमें झांसे में लेकर ठगी करने का आरोप है और पुलिस इन मामलों की जांच में जुटी है तथा अर्जित लाखों की संपति का डिटेल खंगालने में लगी है। |