स्कूल प्रबंधन पर धोखाधड़ी का केस। एआई जनरेटेड
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में सेक्टर-9बी स्थित एडूक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ फर्जी संबद्धता दिखाकर छात्रों का दाखिला लेने और बोर्ड परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड न देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
न्यू कॉलोनी निवासी राजेंद्र सिंह की शिकायत पर बुधवार शाम पुलिस ने अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी बेटी तेजस्वी सिंह दसवीं कक्षा की छात्रा है और वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाली थी। आरोप है कि दाखिले के समय स्कूल प्रबंधन ने स्वयं को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध और मान्यता प्राप्त बताया था। सूचीपत्र में संबद्धता संख्या अंकित होने और प्रमाण पत्र दिखाए जाने के आधार पर उन्होंने स्कूल में दाखिला कराया।
अभिभावक का आरोप है कि बोर्ड परीक्षा से पहले जब एडमिट कार्ड की मांग की गई तो स्कूल प्रबंधन टालमटोल करता रहा। पहले कहा गया कि परीक्षा से दो दिन पहले प्रवेश पत्र दे दिया जाएगा। 16 फरवरी को स्कूल जाने पर भी एडमिट कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया और शाम तक घर भेजने का आश्वासन दिया गया। 17 फरवरी को पहला पेपर होने के बावजूद छात्रा को प्रवेश पत्र नहीं मिला, जिससे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी।
आरोप है कि बाद में स्कूल प्रबंधन ने कहा कि एक पेपर में अनुपस्थित मान लिया जाएगा और बाकी पेपर दिलवा दिए जाएंगे। शिकायतकर्ता ने आनलाइन जांच में स्कूल की संबद्धता पर भी सवाल उठाए हैं।
जांच एएसआइ को सौंपी
पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर चेयरमैन विनय कटारिया, प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया, वाइस प्रिंसिपल निधि बतरा, कोआर्डिनेटर सोनिया के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 316(2) व 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच एएसआइ हरीश कुमार को सौंपी गई है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों की पुष्टि की जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
छात्राें के भविष्य के लिए हाई कोर्ट जाएगा स्कूल प्रबंधन
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पहला गणित का पेपर छूट जाने के बाद अब 11 छात्रों का पूरा शैक्षणिक सत्र बर्बाद होने के कगार पर है। अब स्कूल प्रबंधन हाई कोर्ट जाने की तैयारी में है।
स्कूल प्रबंधन की ओर से विनय कटारिया ने बताया कि संबंधित अभिभावकों से बच्चों के हित में कोर्ट पहुंचकर एफिडेविट जमा कराने के लिए संपर्क किया गया है।
वहीं, उम्मीद जताई जा रही है कि यदि अदालत से राहत मिलती है तो छात्रों को शेष परीक्षाओं में बैठने का अवसर मिल सकेगा। छूटी हुई परीक्षा के लिए वर्ष के अंत में आयोजित होने वाली कंपार्टमेंट परीक्षा एक विकल्प हो सकती है। दो दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस समाधान सामने नहीं आने से अभिभावकों में रोष बढ़ता जा रहा है।
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इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी इंदू बोकन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन न उठने से उनका पक्ष नहीं मिल सका। |
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