प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर की महिलाएं अब सूखे नशे की चपेट में आने लगी हैं। पिछले दो माह में इस प्रकार के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। चिकित्सकों के अनुसार, ज्यादातर उच्च और उच्च-मध्यम वर्ग की महिलाएं इसका शिकार हो रही हैं और इलाज के दौरान अपनी व्यथा साझा कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने तो यह भी बताया कि ब्राउन शुगर की लत इतनी बढ़ गई है कि उन्होंने इसे खरीदने के लिए शादी में मिले जेवर तक बेच दिए।
पति बाहर और घरेलू तनाव बन रहा कारण
चिकित्सकों ने पाया कि अधिकतर महिलाएं तब नशे की ओर जाती हैं, जब उनके पति या परिवार के पुरुष सदस्य बाहर रहते हैं। इसके अलावा घर में सास-ससुर या ससुराल में चल रहे रोज़ाना छोटे-मोटे विवाद भी उन्हें मानसिक दबाव में डालते हैं। महिलाएं बताती हैं कि परिवार के पक्ष लेने और लगातार तनाव के कारण वे घर में एडजस्ट नहीं कर पा रही हैं, और इसी स्थिति में नशे की ओर झुकाव बढ़ता है।
कुछ युवक सूखा नशा कराते हैं
परबत्ती की रहने वाली एक महिला ने बताया कि घर के आसपास कुछ युवक सूखा नशा कराते थे। घरेलू तनाव के चलते उसने उनसे संपर्क किया और पहली खुराक ली। नशा लेने के बाद दो दिन तक होश नहीं रहा। रुपया न होने पर उसने शादी में मिले जेवर भी बेच दिए। पति के लौटने पर स्थिति गंभीर देख डाक्टर के पास इलाज शुरू कराया गया।
एक अन्य मामले में महिला के पति पंजाब में नौकरी करते हैं। ससुराल में बहु, सास और ननद के बीच रोज़ाना विवाद होने पर महिला ने देवर के दोस्त के सहयोग से नशा करना शुरू किया। पति को जानकारी मिलने पर महिला को इलाज के लिए मनोचिकित्सक के पास ले जाया गया। भागलपुर के विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू तनाव और अकेलापन महिलाओं को नशे की ओर ले जाता है, इसलिए परिवार और समाज को मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है।
“शहर की महिलाओं में नशे का चलन बढ़ रहा है। मानसिक परेशानियों का समाधान नशा नहीं है। अगर कोई महिला मानसिक रूप से परेशान है, तो उन्हें अपने पति, देवर या किसी भरोसेमंद मित्र से बात करनी चाहिए।“ -
डा. पंकज मनस्वी, मनोचिकित्सक |
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