कलेक्ट्रेट में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों की बैठक लेते जिलाधिकारी सविन बंसल। सूवि
जागरण संवाददाता, देहरादून। हर श्रद्धालु को देवभूमि की परंपरागत आतिथ्य और सहज सुविधा का अनुभव कराने के उद्देश्य व ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ चारधाम यात्रा का श्रीगणेश करने को लेकर सरकार व प्रशासन एक्शन मोड में आ गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चल रही तैयारी के बीच गुरुवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट में यात्रा से जुड़े सभी विभागों की बैठक ली।
इसमें निर्णय लिया गया कि यात्रा के लिए ऋषिकेश में 30 व विकासनगर में 20 पंजीकरण काउंटर खुलेंगे, जो 24 घंटे काम करेंगे। साथ ही पंजीकरण के लिए मोबाइल टीमें भी तैनात रहेंगी। बता दें कि, गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा आरंभ हो जाएगी।
चारधाम यात्रा को सरल, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने इस वर्ष अभूतपूर्व तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल ने समस्त संबंधित विभागों की विस्तृत समीक्षा कर साफ संदेश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और धन की कमी किसी व्यवस्था में बाधा नहीं बनेगी।
विभागों को अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव देने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने इस वर्ष पंजीकरण को पूरी तरह सुदृढ़ करने पर जोर दिया है। काउंटर पर प्रशिक्षित आपरेटर, मजबूत नेटवर्क, मोबाइल रजिस्ट्रेशन टीम और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। आफलाइन पंजीकरण को भी सहज बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें क्यू मैनेजमेंट, शेड और बैठने की सुविधा अनिवार्य होगी।
यात्री सेवा केंद्र, होल्डिंग एरिया और ट्रांजिट कैंप उन्नत होंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी होल्डिंग एरिया और ट्रांजिट कैंप आधुनिक सुविधाओं से लैस हों।
वहां जर्मन हैंगर, मेडिकल चेकअप सुविधा, भोजन व पेयजल-शौचालय व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन पर सूचना प्रसारण और रात्रि विश्राम एवं पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा हमारी जिम्मेदारी नहीं, हमारी सेवा है। यात्रा के दौरान हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सहज व सम्मानजनक अनुभव मिलना चाहिए।
प्रशासन इसके लिए प्रतिबद्ध है और लगातार सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसपी जया बलूनी, एडीएम केके मिश्रा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पांच स्थानों पर रहेगी व्यवस्था
ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप, आइडीपीएल, कटापत्थर, हरबर्टपुर और नया गांव जैसे मुख्य स्थानों पर विशेष तैयारी होगी।
भोजन व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता देने और आकस्मिक स्थिति में पूर्ति विभाग का सहयोग लेने को कहा गया है। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। प्रशासन ने 15 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का आदेश दिया है।
स्वास्थ्य व परिवहन सेवाएं होंगी फुल-प्रूफ
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि पर्याप्त डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ समेत एंबुलेंस, टेस्टिंग किट, स्वास्थ्य परामर्श (हेल्थ एडवाइजरी), यात्रा मार्ग पर मेडिकल सपोर्ट सिस्टम की सुदृढ़ व्यवस्था रहे। साथ ही परिवहन विभाग को वाहनों की फिटनेस अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा मार्ग पर चलने वाले सभी वाहनों की फिटनेस अनिवार्य होगी। ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे व अधिग्रहित वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। ट्रिप कार्ड की मैनुअल व्यवस्था भी तैयार रखी जाएगी और यात्रियों के आवागमन के लिए होल्डिंग एरिया तक शटल सेवा भी संचालित होगी।
सूचना और सुविधा, सबकुछ एक क्लिक पर
होटल, धर्मशाला, आश्रमों के दूरभाष नंबर, कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन नंबर आदि शहर के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। यात्रियों को एक ही स्थान पर संपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो सके, इसके लिए एलइडी स्क्रीन का उपयोग किया जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को डिवाइडर, पैराफिट, प्रकाश व्यवस्था व सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। जल संस्थान को टीटीएसपी, वाटर एटीएम, टैंकर व पेयजल प्रबंधन सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग से निर्बाध बिजली व पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यह भी पढ़ें- 19 अप्रैल से शुरू हो रही है चारधाम यात्रा, इस बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए देना होगा शुल्क
यह भी पढ़ें- केदारनाथ यात्रा 22 अप्रैल से होगी शुरू,15 मार्च से हटाई जाएगी पैदल मार्ग पर जमी बर्फ |