लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिया गया तीन दिन प्रशिक्षण। जागरण
जागरण संवाददाता, नोएडा। देश को 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के विंडो शहर में अब लखनऊ के अधिकारी भी स्पेशल ट्रीटमेंट कार्ड से मलेरिया मरीजों की निगरानी करेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने शासन स्तर के अधिकारियाें की बैठक के बाद कार्रवाई तेज कर दी है। मलेरिया विभाग ने सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारियाेें के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई है।
केंद्र सरकार मादा एनोफिलीज मच्छरों के काटने से फैल रही मलेरिया बीमारी की रोकथाम के लिए काफी गंभीर है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसे देखते हुए पिछले दिनों लखनऊ में प्रमुख सचिव ने सभी जनपद के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक की थी।
मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति ने बताया कि मलेरिया से मुक्ति के लिए विशेष निगरानी की जाएगी। मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड से मरीजों की अब विशेष निगरानी की जाएगी।
इस कार्ड के जरिए मरीजों को दवाईयों का 14 दिन का कोर्स पूरा करना हाेगा। डीएमओ के मुताबिक, कार्ड में टेक्नीशियन, डाक्टर और मरीज से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है। कार्ड पर रोजाना दवाइयों की जानकारी लिखी है।
योजना के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मलेरिया अधिकारी के अलावा केंद्र व लखनऊ के उच्च अधिकारी कभी भी औचक निरीक्षण कर मरीज के कार्ड की जांच कर सकते हैं, जबकि आशा वर्कर्स विभिन्न ब्लाक में जाकर मरीजों द्वारा किए जा रहे कोर्स की जांच करेंगी।
इसके बाद पोर्टल पर डेटा अपलोड कर फाइनल रिपोर्ट देंगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी और पीएचसी के अधिकारियों को बैठक में प्रशिक्षण दिया है।
यह भी पढ़ें- नोएडा में निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरने से दो मजदूर दबे, इलाज के दौरान एक की मौत |
|