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उत्तराखंड में अब ANPR कैमरे करेंगे वाहनों के दस्तावेजों की जांच, अवैध पाए जाने पर तुरंत कटेगा ई-चालान

deltin33 1 hour(s) ago views 782
  

सांकेतिक तस्वीर।



विकास गुसाईं, देहरादून। उत्तराखंड में अब बिना वैध कागजों के वाहन चलाने वालों पर दोहरी नजर रहेगी।

ऐसा नहीं है कि कोई पुलिस अथवा परिवहन कर्मी इन्हें रास्ते में रोक कर इनके कागजात चेक करेगा, बल्कि टोल प्लाजा व मुख्य मार्गों पर लगे आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एपीएनआर) कैमरे वाहनों के नंबर के आधार पर ही इनके दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर लेंगे। अधूरे दस्तावेज पाए जाने पर इनका आनलाइन चालान जारी हो जाएगा।

अभी केवल टोल प्लाजा में ही ई-डिटेक्शन प्रणाली से यह कार्रवाई हो रही है। अब इसमें एपीएनआर कैमरों को भी जोड़ने की तैयारी है।

प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कदम उठाए गए हैं। पुलिस व परिवहन विभाग के प्रवर्तन दस्ते यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अब प्रवर्तन के कार्यों में तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है।

इस कड़ी में प्रदेश में 19 जनवरी से ई-डिटेक्शन प्रणाली को लागू कर दिया गया है। यह एक ऐसा प्रणाली है जो किसी भी वाहन के नंबर का भारत सरकार के वाहन पोर्टल से रियल टाइम में मिलान करती है।

इस प्रक्रिया के तहत वाहन के परमिट, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की वैधता की स्वत: जांच की जाती है।

अभी उत्तराखंड में इस प्रणाली के अंतर्गत बिना परमिट, बिना बीमा प्रमाण पत्र एवं बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों का ही ई-चालान किया जाएगा।

यदि कोई दस्तावेज एक्सपायर्ड या अवैध पाया जाता है, तो वाहन को डिफाल्टर के रूप में चिह्नित कर तुरंत ई-चालान जारी किया जाएगा, जिसकी सूचना वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजी जा रही है।

इसके तहत प्रदेश में अब तक 10 हजार वाहनों के चालान किए जा चुके हैं।
एपीएनआर कैमरों को भी जोड़ने की तैयारी

प्रदेश में इस समय 37 स्थानों पर एपीएनआर कैमरे लगे हुए हैं। ये कैमरे अधिकांश प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों व प्रमुख मार्गों पर लगाए गए हैं। इनसे अभी ग्रीन सेस वसूलने व चालान का कार्य हो रहा है।

चालान का कार्य अभी तेज रफ्तार वाहन, ट्रिपल राइडिंग व बिना हेलमेट तक सीमित हैं। चूंकि यह कैमरे वाहन की नंबर प्लेट भी देखते हैं, ऐसे में अब इन्हें भी ई-डिटेक्शन तकनीक से जोड़ने की तैयारी है।

अपर परिवहन आयुक्त बीके संत ने बताया कि इसके लिए एनआइसी को प्रस्ताव दिया गया है।  
इन टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन से हो रहे हैं चालान

  • बहादराबाद टोल प्लाजा, हरिद्वार
  • भगवानपुर टोल प्लाजा, हरिद्वार
  • लच्छीवाला टोल प्लाजा, देहरादून
  • जगतापुर पट्टी टोल प्लाजा, ऊधम सिंह नगर
  • बनुषी टोल प्लाजा, उधम सिंह नगर
  • नगला टोल प्लाजा, उधम सिंह नगर
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